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क्या आप मोबाइल से नहीं रह सकते दूर, कहीं आपको ‘नोमोफोबिया’ तो नहीं

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मोबाइल फोन्स हम सभी के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। फोन कॉल्स से लेकर पेमेंट तक के लिए हम सभी मोबाइल फोन्स से जुड़े रहते हैं। पर कहीं आप मोबाइल पर इतने निर्भर तो नहीं हो गए हैं कि थोड़ी देर के लिए भी इससे दूर नहीं रह पाते हैं? मोबाइल फोन कनेक्टिविटी न होने पर एंग्जाइटी होने लगती है? अगर हां तो सावधान हो जाइए ये Nomophobia नामक समस्या का संकेत हो सकता है।

  • नोमोफोबिया को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकार के रूप में जाना जाता है।
  • नोमोफोबिया-नो मोबाइल फोन फोबिया तब होता है जब कोई व्यक्ति मोबाइल फोन कनेक्टिविटी न होने के कारण डर या चिंता का अनुभव होने लगता है।
  • इसमें उत्तेजना होने, सांस लेने में बदलाव और अन्य लक्षण भी हो सकते हैं।
  • नोमोफोबिया की स्थिति आपके सोचने-समझने, परिस्थितियों को डील करने के तरीके भी प्रभावित करने वाली स्थिति मानी जाती है।

नो मोबाइल फोन फोबिया की समस्या

मोबाइल फोन्स से जुड़े रहना हम सभी की जरूरत बन गई है लेकिन इससे कुछ समय के लिए भी दूर रहने पर भी यदि आप परेशान हो जाते हैं तो आपको सावधान हो जाने की आवश्यकता है। जर्नल आॅफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर में साल 2019 के एक लेख में उल्लेख किया गया कि नोमोफोबिया के पहले किसी व्यक्ति में कई संभावित मनोवैज्ञानिक स्थितियां जैसे चिंता और तनाव जैसे लक्षण हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि स्मार्ट फोन्स आने के बाद से ये दिक्कत काफी बढ़ गई है।

कैसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं है ये विकार

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं चिंता-तनाव के अलावा नोमोफोबिया के कारण और भी कई प्रकार की दिक्कतें होने लगती हैं जिस पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
  • फोन से थोड़े समय की दूरी के कारण भी शरीर में कंपन, पसीना आने, घबराहट की दिक्कत होने लगती है।
  • कुछ स्थितियों में टैकीकार्डिया- दिल की धड़कनों में अनियमितता की समस्या भी हो सकती है।
  • नोमोफोबिया की समस्या को भी कमोबेश उसी तरह का माना जा सकता है जैसे आॅब्सेसिव कंपल्सिव डिसआॅर्डर (ओसीडी) रोगियों में देखी जाती रही है।

क्या है इस फोबिया का कारण

मोबाइल फोन्स से दूरी पर होने वाली घबराहट-चिंता की स्थिति क्यों होती है, इसके कारणों को समझने के कई अध्ययन किए गए। साल 2020 में अध्ययनों की समीक्षा में वैज्ञानिकों की टीम ने इसके कुछ संभावित कारणों के बारे में बताया। विशेषज्ञ कहते हैं, स्मार्टफोन से संबंधित कंपल्शन इस विकार को जन्म देने वाला एक कारण हो सकता है। इसके अलावा इंटरपर्सनल सेंसटिबिटी जिसमें व्यक्ति अन्य विचारों को दूसरों से साझा नहीं कर पाता है।

नोमोफोबिया के लक्षण दिखें तो क्या करें

  • नोमोफोबिया आधिकारिक तौर पर कोई मानसिक विकार नहीं है वर्तमान में इसका कोई उपचार भी मौजूद नहीं है।
  • थेरेपी और काउंसिलिंग की मदद से फोबिया को दूर करने और लक्षणों में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
  • अगर किसी व्यक्ति में इस विकार के लक्षण दिखें तो उसे मनोचिकित्सक के पास ले जाएं।
  • कॉग्नेटिव बिहेवियरल थेरेपी जैसे उपायों की मदद से लक्षणों में सुधार किया जा सकता है।

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