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इन्वर्टर में इस तरीके से डालें पानी, नहीं तो हो सकता है बड़ा हादसा

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गर्मी अपना प्रचंड रूप धारण कर चुकी है। गर्मी से बचने के लिए लोग कई तरीके के इलेक्ट्रिोनिक उपकरणों का सहारा लेतें हैं। यह उपकरण बिजली के बिना नहीं चलते। गर्मी में बिजली की कटौती बहुत ही ज्यादा होती है। इस समस्या से बचने के लिए आप इन्वटर की ओर भागते हैं। अगर आपके घर में पहले से ही इन्वर्टर (Inverter) लगा हुआ है, तो आपको इस भीषण गर्मी में इन्वर्टर का खास ख्याल रखना होगा ताकि आपको बिजली संबंधी समस्याओं का सामना ना करना पड़े।

अगर आपके पास इन्वर्टर है तो आप उसमें पानी का खास ख्याल रखते होंगे, पर क्या आप जानते हैं कि इन्वर्टर में पानी डालना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अगर नहीं, तो आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि इन्वर्टर में पानी कैसे डाले, जिससे आप बड़े हादसे से बच सकते हैं।

इन्वर्टर में डाले कोनसा पानी

इन्वर्टर की साफ सफाई करते समय आपके दिमाग में भी आता होगा कि साथ ही इसका पानी भी चैक कर लिया जाए। लेकिन आपको पता है कि इन्वर्टर में डालने के लिए कोन सा पानी इस्तेमाल में लाना चाहिए।

  • इन्वर्टर में आपको टंकी या साधारण पानी को नहीं डालना होता।
  • टंकी का पानी आपके इन्वर्टर की बैटरी को खराब कर सकता है।
  • जिससे आपके इन्वर्टर की बैटरी में गैस बन सकती है और बड़ा धमाका हो सकता है।
  • इन्वर्टर में मिनरल वॉटर का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए।
  • इन्वर्टर के लिए हमेशा आप डिब्बा बन्द पानी का प्रयोग करें।

इन्वर्टर में कैसे डाले पानी

आमतौर पर देखने को मिलता है कि इन्वर्टर में पानी डालने वक्त आप इन्वर्टर को बिजली से अलग नहीं करते, यानि चार्जिंग से हटाते नहीं है, जो कि बिल्कुल सही नहीं तो है। चार्जिंग लगे इन्वर्टर में पानी डालने से आपके इन्वर्टर की बैटरी के फटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए आप जब भी इन्वर्टर की बैटरी में पानी डालते हैं तो उसे कम से कम एक घंटा पहले चार्जिंग से हटा दें और बैटरी को ठंडा होने के लिए छोड़ दें, जब आपके इन्वर्टर की बैटरी पूरी तरह से ठंडी हो जाए फिर ही उसमें पानी डालें।

समय समय पर करवाएं बैटरी की जांच

पैसे बचाने के चक्कर में सस्ती और चालू बैटरी खरीदना आपके व आपके परिवार के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कई लोग ऐसे होते हैं कि वह थोड़े से पैसे बचाने के लिए पुरानी बैटरी को समझदारी समझते हैं, लेकिन यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। पुरानी या सस्ती बैटरी से गैस के रिसाव के आसार बहुत ही ज्यादा बढ़ जाते हैं, अगर आपने भी कोई ऐसी बैटरी खरीदी है तो उसकी समय से जांच करवाएं, ताकि आप बड़े खतरे से बच जाएं।

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