चंडीगढ़ (पंजाब मीडिया)। हरियाणा में आगामी 5 अक्तूबर को विधानसभा चुनाव होने जा रहे है, लेकिन उससे पहले हरियाणा में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में बीजेपी सिरसा से चुनाव लड़ने वाले अशोक तंवर फिर से अपने घर कांग्रेस में लौट गए हैं। जानकारी के अनुसार वीरवार 3 अक्टूबर को महेंद्रगढ़ में एक चुनावी रैली के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में अशोक तंवर ने फिर से कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। सबसे रोचक बात है कि यह वही अशोक तंवर हैं, जिन्होंने कांग्रेस की दलित नेत्री कुमारी शैलजा के खिलाफ बीजेपी से चुनाव (लोकसभा चुनाव में सिरसा सीट से) लड़ा था और अशोक तंवर को हार का सामना करना पड़ा था। अशोक तंवर हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और 2019 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
अशोक तंवर का राजनीतिक सफर
- 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सिरसा (एससी) से इनेलो उम्मीदवार सीता राम को 35,499 वोटों से हराया था।
- इसके बाद के 2014 के चुनावों में उन्हें इनेलो के चरणजीत सिंह रोरी ने 1.15 लाख वोटों से हराया था।
- 2019 में भी उन्हें तब हार का सामना करना पड़ा।
- जब वह बीजेपी की सुनीता दुग्गल से 3 लाख से अधिक वोटों से हार गए।
- तंवर की कांग्रेस में वापसी से विधानसभा चुनावों से पहले हरियाणा में पार्टी की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
आज थम जाएगा चुनाव प्रचार
हरियाणा की सभी 90 सीटों पर एक साथ पांच अक्टूबर को मतदान कराए जाएंगे। मतदान से दो दिन पहले अशोक तंवर के कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि प्रदेश में आज प्रचार-प्रसार का आखिरी मौका है। आज शाम छह बजे के बाद प्रचार-प्रसार थम जाएगा। प्रदेश में पांच अक्टूबर को मतदान कराए जाएंगे तो वहीं आठ अक्टूबर को मतगणना होगी।
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