
चंडीगढ़। चीका में सोमवार सुबह एक घर में रखे 2 सिलेंडरों में ब्लास्ट हो गया। धमाके से घर पूरी तरह तहस-नहस हो गया। घर की दीवारें टूट गई तथा पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया। इसी मलबे के नीचे दबने से 2 लड़कियों की मौत हो गई, जबकि परिवार के 3 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना सुबह 4 बजे की बताई जा रही है। सूचना के बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची हैं। मृतकों की पहचान सुरभि (2 वर्ष ) और कोमल (16 वर्ष) के रूप में हुई है। अन्य 2 सदस्यों की टांगों में चोटें आई हैं। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे आसपास बलवान सिंह के घर में बड़ा धमाका हुआ।
2 सिलेंडर इकट्ठे फटने के कारण धमाका बहुत भयंकर था , एक बार तो उन्हें लगा कि जैसे कोई बड़ा बम गिर गया हो । बाद में देखा कि सिलेंडर फटने से उनके पड़ोस में एक मकान गिर गया है। ब्लास्ट होते ही चीख पुकार मच गयी े पड़ोस में रहने वाले सभी लोग भागकर आये और मलबे से घर के सदस्यों को निकालने लगे। पड़ोसी बलजीत ने बताया कि हादसे के आधे घंटे बाद एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। तब तक आसपास के लोगों ने घायलों को अंदर से निकाल लिया था।
परिजनों ने बताया कि हादसे में बलवान और उसकी पत्नी सुनीता, बेटी कोमल , पुत्रवधु सपना और पोती सुरभि गंभीर रूप से घायल हो गये थे। घायल परिवार के सभी सदस्यों को गुहला के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए पटियाला के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया। इलाज के लिए पटियाला ले जाते समय रास्ते में कोमल और छोटी बच्ची सुरभि ने दम तोड़ दिया। घायलों के सिर, पैरो पर ज्यादा चोटे आई हुई है।
हम सभी इस परिवार के साथ खड़े हैं: देवेंद्र हंस
गुहला चीका के विधायक देवेंद्र हंस ने कहा कि बड़ी दुखद घटना है। दु:ख की इस घड़ी में हम सभी इस परिवार के साथ खड़े है। अभी प्रशासन देख रहा है कि घटना के क्या कारण रहे। पीड़ितों को हर संभव मदद की जाएगी।
बहुत ही दुखदाई घटना: कुलवंत बाजीगर
कुलवंत बाजीगर ने कहा कि सभी घरों में सिलेंडर होना आम बात है। जिन्दगी में पहली बार ऐसा हादसा देखा है। बहुत ही दुखदाई घटना है। इलाके की जनता के लिए बड़ा नुकसान है। मैंने घटना का पता लगते ही चंडीगढ़ फोन करके घटना से अवगत करवा दिया था। जो भी सम्भव मदद होगी सरकार की तरफ से जरुर की जाएगी।
हादसे के बाद नहीं जले चूल्हे
चीका में दिल दहला देने वाले हादसे के बाद लोग इस कदर आहत थे कि पड़ोस में घरो के चूल्हे तक नहीं जले। बता दे कि चीका निवासी बलवान सिंह कृषि औजारों का काम करते है। मृतकों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए गये जिनका दोपहर बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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