- moong seeds पर मिलेगा 75 प्रतिशत तक का अनुदान
- 15 अप्रैल तक किसान कर सकते हैं पंजीकरण
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा दलहनी फसलों, जल सरंक्षण एवं ग्रीष्मकालीन मूंग का एरिया बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर moong seeds का वितरण किया जाना तय किया है। खास बात यह है कि यह बीज हरियाणा बीज विकास निगम के बिक्री केन्द्रों से किसानों को वितरित किया जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश भर में एक लाख एकड़ क्षेत्र में बिजाई के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग का बीज किसानों को दिया जाएगा। इसके लिए केवल 25 प्रतिशत राशि ही किसान को बीज खरीदते समय पर जमा करवानी होगी। किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वैबसाईट एग्री हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण 10 मार्च से 15 अप्रैल तक जारी रहेगा।
जमीनी उपजाऊ शक्ति बढ़ाती है मूंग की खेती | moong seeds
- किसानों को मूंग की खेती से डबल फायदा मिलता है।
- एक तो बाजार में मूंग के हाजिर भाव मिल जाते हैं।
- गेहूं की कटाई के बाद मूंग की बुवाई करना फायदेमंद रहता है।
वहीं खरीफ सीजन मे धान की बुवाई से पहले पककर तैयार हो जाती है इससे वातावरण में नाइट्रोजन की स्थिरता बढ़ती है और मिट्टी बांधने की क्षमता बेहतर होती है और भूजल स्तर भी बेहतर रहता है।
- मूंग से खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है, जिसका फायदा अगली फसल की उत्पादकता पर होता है।
- ग्रीष्मकालीन मूंग की एम.एच. 421 वैरायटी किसानों को उपलब्ध करवाई जाएगी, जो 60 दिन में पक जाती है।
- एक किसान अधिकतम 30 किलोग्राम अथवा 3 एकड़ तक का बीज प्राप्त कर सकता है।
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