तेहरान। ईरान ने इजराइल पर अपना अब तक का सबसे बड़ा सीधा हमला किया है। मंगलवार देर रात सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें इजराइल पर दागी। इसके चलते महायुद्ध की आहट से पूरी दुनिया सहम गई। ईरान ने दावा किया कि ये सभी मिसाइलें स्टीक निशाने पर पहुँची हैं जबकि इजराइल ने कहा कि सिर्फ 20 मिसाइलें ही हमारे देश में पहुँची हैं। वहीं ईरान के विपक्षी नेताओं ने कहा कि ईरान की कई मिसाइलें उनके ही देश के इस्फहान राज्य में गिरी। हमले से गुस्साए इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान को हमले की बड़ी कीमत चुकानी होगी।
वहीं ईरान ने नेतन्याहू सहित इजराइली मंत्रियों और सैन्य अधिकारियों को खत्म करने की धमकी दी है। इजराइल के चैनल 13 टीवी न्यूज के अनुसार ईरान ने जमीन से जमीन पर मार करने वाली 200 मिसाइलें दागी, जिससे पूरे देश में सायरन सक्रिय हो गए और लाखों निवासियों को आश्रयों की ओर भागना पड़ा। इजराइली सेना ने कहा कि देश में बड़े विस्फोट सुने गए, क्योंकि या तो कुछ ईरानी मिसाइलों को सफलापूर्वक रोक दिया गया या इजरायली हवाई सुरक्षा को चकमा देकर कुछ अन्य इजरायली क्षेत्र में गिरे।
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इजराइल की बचाव सेवाओं ने कहा कि तेल अवीव में छर्रे लगने से दो लोग मामूली रूप से घायल हुए और शहर के उत्तरी हिस्से में एक इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। इजÞरायल में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। इजराइली हवाईअड्डा प्राधिकरण ने देश के हवाई क्षेत्र को बंद करने की घोषणा की, साथ ही आने वाली उड़ानों को दूसरे देशों में भेज दिया गया। सुरक्षा कारणों से जॉर्डन और इराक के निकटवर्ती देशों ने भी उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और हवाई यातायात को निलंबित करने की घोषणा की।
इस बीच, ईरान के सरकारी आईआरआईबी टीवी ने कहा कि ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायल को निशाना बनाया गया। उसने कहा कि ये हमले इजरायल द्वारा हमास पोलित ब्यूरो प्रमुख इस्माइल हनीयेह, हिजबुल्लाह महासचिव सैय्यद हसन नसरल्लाह और वरिष्ठ आईआरजीसी कमांडर अब्बास निलफोरोशान की हत्याओं के साथ-साथ लेबनानी और फिलीस्तीनी लोगों के खिलाफ अमेरिकी समर्थन से इजराइली दुर्भावनापूर्ण हमलों को तेजी लाने के लिए किए गए।
आईआरजीसी ने कहा कि यह अभियान ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की मंजूरी और देश की सेना और रक्षा मंत्रालय के सहयोग से ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के निर्देश के बाद चलाया गया। इसने चेतावनी दिया कि अगर इजराइल ने ईरान पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की तो उसे और भी ‘कुचलने वाले एवं विनाशकारी’ हमलों का सामना करना पड़ेगा।
किसके साथ कौन सा देश
- इजराइल: अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी
- ईरान: तुर्की, इराक, सीरिया, रूस
ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचें भारतीय, विदेश मंत्रालय ने जारी की सलाह
केन्द्र सरकार ने सुरक्षा के गंभीर हालात के मद्देनजर भारतीय नागरिकों को ईरान की गैर जरूरी यात्रा से बचने और वहां रह रहे भारतीयों को तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय की ओर से बुधवार को यहां ईरान को लेकर जारी यात्रा परामर्श में कहा गया, ‘‘हम क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्रा से बचें।’’ परामर्श में कहा गया, ‘‘वर्तमान में ईरान में रहने वालों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तेहरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।’’
दूतावास के संपर्क में रहने का आग्रह
‘‘हम पश्चिम एशिया में बढ़ती सुरक्षा स्थिति से बेहद चिंतित हैं और सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपना आह्वान दोहराते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय आयाम न ले और इसलिए हम आग्रह करते हैं कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाए।’’
-भारतीय विदेश मंत्रालय
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