
किसानों को मशीनरी पर मिलेगी 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी
- पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए नई योजना शुरू | Subsidy
चंडीगढ़। राज्य सरकार ने पराली जलाने से रोकने के लिए ‘फसल अवशेष प्रबंधन ऋण योजना’ शुरू की है। इसके तहत किसानों को मशीनें मुहैया कराने के लिए 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। राज्य सरकारी व सहकारी बैंकों से परली प्रबंधन के लिए 80 प्रतिशत सब्सिडी पर लोन मिलेगा। Subsidy
लोन चुकाने की अवधि 5 वर्ष होगी और इसे 10 अर्धवार्षिक किस्तों में भी चुकाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों से इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने की अपील की है। यह जानकारी खुद पंजाब सीएम भगवंत मान की तरफ से दी गई। है। उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर यह जानकारी दी है।
लोन की राशि दस किश्तों में | Subsidy
- पंजाब सरकार की तरफ से यह योजना सहकारी बैंक चंडीगढ़ और सभी जिलों में इसे शुरू की गई है।
- स्कीम के तहत लोन की राशि दस किश्तों में चुकाई जा सकती हैं।
- इसके अलावा कर्ज चुकाने की अधिकतम पांच साल का समय रहेगा।
- सरकार को उम्मीद है कि इससे लोगों को काफी फायदा होगा।
- यह स्कीम इसलिए भी महत्वपूर्ण है।
- क्योंकि मशीनरी काफी मंहगी होने के चलते किसान हाथ खड़े कर देते थे।
- ऐसे में सरकार ने अपने विशेषज्ञों से मीटिंग कर यह योजना तैयार की है।
- पराली जलाने में अमृतसर टॉप पर
अब तक सरकार की तरफ से 50 किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है। 65 किसानों पर 1.85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा एक लाख 70 हजार तक की रिकवरी भी की गई। इस बार सबसे ज्यादा केस अमृतसर में 96, तरनतारन 26 केस, फिरोजपुर में 12, गुरदासपुर 11, जालंधर नौ, संगरूर छह, मोहाली पांच, लुधियाना दो, पटियाला तीन, शहीद भगत सिंह नगर एक, बठिंडा एक, मलेरकोटला एक, फतेहगढ़ साहिब एक, रूपनगर एक, फाजिल्का एक और मोगा में एक केस केस सामने आया है।
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