
चंडीगढ़, 20 मार्च:
Minister Mr. Lal Chand Kataruchak ने लुधियाना के Mattewara Jungle Depot का अचानक दौरा किया। उन्होंने वहां संग्रहीत की गई सभी लकड़ियों की पूरी जांच की।
लुधियाना-राहों रोड पर खड़े हरे पेड़ों की कटाई के बाद इन कटी हुई लकड़ियों को डिपो में संग्रहीत किया गया था। इन पेड़ों की कटाई का आदेश भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एम.ओ.ई.एफ. एंड सी.सी.) से विधिवत स्वीकृति मिलने के बाद ही दिया गया था।
वन मंत्री के निर्देशानुसार, पंजाब राज्य वन विकास निगम (पी.एस.एफ.डी.सी.) ने इस संबंध में कार्यवाही को तेज किया है। फिल्लौर डिवीजन के सभी डिपो में रखी गई कटी हुई लकड़ियों के स्टॉक की व्यापक भौतिक जांच के लिए मुख्य महाप्रबंधक, वरिष्ठ आई.एफ.एस. अधिकारी की अध्यक्षता में एक तथ्यान्वेषण कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें वन विभाग और पी.एस.एफ.डी.सी. के सदस्य शामिल हैं।
जांच के दौरान पाई गई कुछ खामियों के कारण, मंत्री ने संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक के तबादले का आदेश दिया है और संबंधित परियोजना अधिकारी एवं अन्य फील्ड स्टाफ को भी उनके वर्तमान पद से स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही, उक्त सड़क पर पेड़ों की कटाई को तुरंत रोक दिया गया है। स्टॉक की वार्षिक समीक्षा के लिए अंतर-क्षेत्रीय कमेटियों का गठन किया गया है और भौतिक सत्यापन में कोई भी कमी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
फिल्लौर डिवीजन के सभी डिपो में रखी गई कटी हुई Mattewara Jungle Depot में लकड़ियों के स्टॉक की व्यापक भौतिक जांच के लिए तथ्यान्वेषण कमेटी का गठन
पंजाब राज्य वन विकास निगम (पी.एस.एफ.डी.सी.) द्वारा पेड़ों के निपटारे के लिए दो प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। पहली प्रक्रिया के तहत निपटारा ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर नीलामी के माध्यम से किया जाता है, जबकि दूसरी प्रक्रिया में, यदि पेड़ ब्लॉक जंगल में खड़े हैं या पेड़ों की कटाई का खर्च संबंधित विभाग, जैसे कि पी.डब्ल्यू.डी., द्वारा जमा किया गया है, तो वन निगम द्वारा सीधे पेड़ों की कटाई की जाती है। Mattewara Jungle Depot
लुधियाना-राहों सड़क के मामले में, लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक राशि पहले ही जमा करवाई जा चुकी है।
गौरतलब है कि पी.एस.एफ.डी.सी. द्वारा अधिकतर खड़े पेड़ों और कटी हुई लकड़ियों का निपटारा सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर टेंडर-कम-नीलामी के माध्यम से किया जाता है, जो कि अत्यंत पारदर्शी है और इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर निपटारा सुनिश्चित किया जाता है। खड़े पेड़ों की कटाई से प्राप्त लकड़ियों को निपटारे से पहले डिपो में संग्रहीत किया जाता है।
- War Against Drugs: पंजाब में 3000 से अधिक पंचायतों द्वारा नशों के खिलाफ प्रस्ताव पारित
- Ludhiana Civil Hospital आधुनिक सुविधाओं से युक्त लोगों को मिलेगा बड़ा लाभ
Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।




