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पहली बार पंजाब का बजट 2 लाख करोड़ के पार, कर्ज भी हुआ पौने 4 लाख करोड़

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प्रदेश के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने पेश किया तीसरा बजट, कोई सेस या टैक्स नहीं लगाया

पंजाब सरकार के इतिहास में पहली बार बजट 2 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा द्वारा 2 लाख 4 हजार 918 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है। इससे पहले कभी भी पंजाब का बजट 2 लाख करोड़ से पार नहीं गया है। इस सरकार में जहां पंजाब का बजट बढ़ा है, वहीं पंजाब पर कर्ज भी बढ़ा है।

पंजाब पर कर्ज पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 3 लाख 74 हजार 91 करोड़ हो गया है। हालांकि इस कर्ज को लेकर वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी ही कर्ज की गठड़ी को उतारने की कोशिश करार दिया है। हरपाल चीमा का दावा है कि आने वाले सालों में पंजाब के सिर पर कर्ज कुछ कम हो जाएगा, लेकिन पिछली सरकारों द्वारा थोपे गए बोझ के कारण फिलहाल यह कम नहीं हो रहा है।

चालू वित्त वर्ष के दौरान उनकी ओर से कोई नया टैक्स नहीं लगाया जा रहा

यहां सदन में पेश किए गए बजट में हरपाल चीमा द्वारा अगले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी 30 हजार 464 का वित्तीय घाटा और 23 हजार 198 करोड़ का ​​राजकोषीय घाटा होने का अनुमान लगाया जा रहा हैं। जिस कारण पंजाब के सिर पर और कर्ज चढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने सदन में बजट पेश करते हुए दावा किया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान उनकी ओर से कोई नया टैक्स नहीं लगाया जा रहा है, जिससे पंजाब के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

नये कर नहीं लगने से उन पर बढ़ते खर्च के लिए पैसों का इंतजाम करने का दबाव होगा, वे पुराने करों की वसूली बढ़ाने के साथ-साथ पहले से ज्यादा कमाई भी करेंगे। जिससे पंजाब में बिना टैक्स लगाए ही ज्यादा खर्च करने के बावजूद पैसों की बजट की जाएगी। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने अपने बजट में पहली बार शिक्षा क्षेत्र का बजट कम किया है।

पिछले साल पंजाब सरकार ने 17 हजार 72 करोड़ रुपए रखे थे, लेकिन इस साल 85 करोड़ रुपए घटाकर 16 हजार 987 करोड़ रुपए कर दिए गए हैं। हालांकि, हरपाल चीमा ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि कुल बजट के हिसाब से देखा जाए तो शिक्षा क्षेत्र को बजट का 11.5 फीसदी हिस्सा मिला है, इस बजट से शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे क्रांतिकारी काम आसानी से किए जा सकते हैं।

किस क्षेत्र को क्या मिला :-

  • कृषि के लिए 13 हजार 784 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें 9330 करोड़ की बिजली सब्सिडी शामिल है।
  • शिक्षा के लिए 16 हजार 987 करोड़ रुपए रखे गए हैं, जिसमें स्कूल ऐमीनेंस के लिए 100 करोड़ रुपए तो स्कूल अपना ब्रिलीऐंस के लिए 10 करोड़ रुपए रखे गए हैं। समग्र शिक्षा अभियान के लिए 1593 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
  • स्वास्थ्य के लिए 5264 करोड़ रुपए रखे गए हैं। जिसमें से 249 करोड़ रुपए सिर्फ आम आदमी क्लिनिक के लिए खर्च किए जाएंगे।
  • घर-घर आटा सप्लाई योजना समेत राशन वितरण पर सालाना 1072 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • जेल और पुलिस सुधार कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 10 हजार 635 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
  • पेंशन और शगुन योजना पर खर्च के लिए 9388 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
  • सड़कों और पुलों के निर्माण और मरम्मत के लिए 2695 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
  • गांवों में पानी सप्लाई के लिए 2200 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
  • शहरी विकास के लिए इस वित्तीय वर्ष में 6289 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
  • ग्रामीण विकास के लिए 3154 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।परिवहन और सरकारी बसों को चलाने के लिए कुल 550 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
  • मुफ्त बिजली देने के लिए बजट में 7780 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

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