
चंडीगढ़, 19 अगस्त (Punjab Media Team)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को ‘Khedan Wattan Punjab Diyan’ के चौथे संस्करण का ऐलान किया। राज्य में यह विशाल खेल महाकुंभ 5 सितंबर से शुरू होकर 29 नवंबर तक चलेगा। सरकार ने इस बार 10 लाख से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। खेलों का उद्घाटन बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में होगा, जबकि समापन समारोह पटियाला में आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के जरिए युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘Khedan Wattan Punjab Diyan’ गांवों, कस्बों और शहरों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
इस वर्ष प्रतियोगिताएं 38 खेल विधाओं में होंगी, जिनमें चार पैरा खेल—पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल—शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। कोड आधारित पंजीकरण के साथ खेल विभाग के पोर्टल से भी आवेदन किया जा सकता है।
Khedan Wattan Punjab Diyan छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने का मंच बना।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस बार 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक आयु तक के खिलाड़ियों के लिए कुल नौ आयु वर्ग बनाए गए हैं। प्रतियोगिताएं पंजाब के सभी 153 ब्लॉकों और 23 जिलों में ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित होंगी। राज्य स्तरीय मुकाबले 10 अक्टूबर से 23 नवंबर तक 16 जिलों में तीन चरणों में होंगे, जबकि पैरा खेलों की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 25 से 28 नवंबर तक लुधियाना में आयोजित की जाएंगी।
पहली बार लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है। वहीं, 12 अगस्त से शुरू हुआ मशाल मार्च 5 सितंबर तक पंजाब के सभी जिलों से होकर गुजरेगा।
राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 रुपये, रजत पदक विजेताओं को 7,000 रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 5,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। 40 वर्ष तक के पदक विजेताओं को ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे, जिससे वे सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले तीन संस्करणों में कुल 25.51 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। पहले सीजन में 3.50 लाख, दूसरे में चार लाख से अधिक और तीसरे सीजन में 4.35 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया था। वर्ष 2025 में बाढ़ के कारण इन खेलों का आयोजन नहीं हो सका था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बजट बढ़ाया है और ग्रामीण क्षेत्रों में 3,100 से अधिक खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए भी वित्तीय सहायता दी जा रही है। ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये तथा एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए आठ लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की खेल संस्कृति को मजबूत करने का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भागीदार बनाना है। सरकार का लक्ष्य पंजाब को एक बार फिर देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करना है।
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