
चेन्नई। बांग्लादेश के खिलाफ 27 सितम्बर से शुरु होने वाले कानपुर टेस्ट में जडेजा के पास टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट और 3000 रन के ‘ग्रैंड डबल’ को हासिल करने वाले खिलाड़ियों के एलीट क्लब में शामिल होने का मौका होगा। इस आॅलराउंडर के नाम पर अभी 299 विकेट और 3122 रन दर्ज हैं। भारत के दो खिलाड़ियों अश्विन और कपिल देव सहित अब तक दुनिया के केवल 10 खिलाड़ी ही इस उपलब्धि को हासिल कर पाए हैं।
गैरी सोबर्स और जैक्स कैलिस जैसे महान खिलाड़ी भी इस सूची का हिस्सा नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद जडेजा को उतनी सुर्खियां नहीं मिलती जितनी इन्हें मिला करती थी। एक तरह से जडेजा का काम करने का तरीका इसका मुख्य कारण है। अश्विन बोलने में तेज हैं और वह प्रेस कांफ्रेंस या अपने यू-ट्यूब चैनल पर अपने कौशल के बारे में बात करने से नहीं डरते। जडेजा इनमें से कुछ भी नहीं करते। वह रडार की पकड़ में नहीं आने वाले लड़ाकू विमान की तरह अपना काम करते हैं।
हालांकि भारत जब भी मुश्किल में होता है तो जडेजा की लड़ाकू प्रवृत्ति तुरंत सामने आ जाती है। यहां बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में जडेजा ने मैच में पांच विकेट चटकाए लेकिन अश्विन ने दूसरी पारी में छह विकेट हासिल करके यहां भी उन्हें पीछे छोड़ दिया। वर्ष 2012 में जोड़ी बनाने के बाद से अश्विन और जडेजा स्वदेश में एक साथ 45 टेस्ट खेले जिनमें से भारत ने 34 जीते, तीन में हार और शेष आठ ड्रॉ रहे। इन 45 मैचों में जडेजा ने 218 जबकि अश्विन ने 263 विकेट चटकाए।
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