
चंडीगढ़; 20 मई 2026 (Punjab Media Team)। बीमारी कई घरों में केवल दर्द ही नहीं, बल्कि घबराहट भी लेकर आती है। अस्पताल में भर्ती होने का मतलब अक्सर जल्दबाज़ी में उधार लेना, गहने गिरवी रखना या कुछ ही दिनों में जीवनभर की बचत को ख़त्म होते देखना होता है। कई परिवार इलाज में देरी कर देते हैं, इस उम्मीद में कि शायद हालत ख़ुद-ब-ख़ुद सुधर जाए, क्योंकि इलाज का ख़र्च उन्हें बीमारी से भी ज़्यादा भारी लगता है। Mukh Mantri Sehat Yojana
साल 2021 में ‘एप्लाइड हेल्थ इकोनॉमिक्स एंड हेल्थ पॉलिसी’ में प्रकाशित एक अध्ययन ने उस सच्चाई को उजागर किया, जिसे लोग पहले से महसूस करते थे— भारत में इलाज का ख़र्च परिवारों पर भारी पड़ता है और अक्सर उन्हें गंभीर आर्थिक संकट में धकेल देता है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आँकड़ों पर आधारित इस अध्ययन में बताया गया कि भारत में कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों का इलाज परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालता है, ख़ासकर निजी अस्पतालों में। कई मामलों में इलाज की कीमत लोगों को लंबे समय तक गरीबी में धकेल देती है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत था कि बीमारी केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक संकट का भी विषय है।
लेकिन,आज पंजाब में एक अलग तस्वीर उभरती दिखाई दे रही है।’Mukh Mantri Sehat Yojana’ परिवारों के स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अनुभव में एक शांत लेकिन प्रभावशाली बदलाव के रूप में उभरी है। पहली बार कई लोगों को यह भरोसा मिल रहा है कि इलाज का मतलब अब आर्थिक संकट नहीं होगा।
अब पैसों की कमी नहीं बनेगी इलाज में रुकावट! ‘Mukh Mantri Sehat Yojana’ से लोगों को मिल रहा नया भरोसा
पंजाब में, जहाँ कभी अस्पतालों के बिल परिवारों को कर्ज और निराशा में धकेल देते थे, वहीं ‘Mukh Mantri Sehat Yojana’ अब प्रभावी रूप से लोगों की ज़िंदगी बदल रही है। ₹10 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने वाली इस योजना के तहत अब तक 1.59 लाख से अधिक लाभार्थियों को सहायता मिल चुकी है। आम परिवारों के लिए यह योजना किसी राहत से कम नहीं, जो पहले बीमारी के डर से ही घबराते थे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ.बलबीर सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि जटिल सर्जरी और हृदय रोग उपचार से लेकर डायलिसिस, नवजात शिशु देखभाल और गंभीर बीमारियों के इलाज तक कोई भी व्यक्ति केवल पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे। भगवंत मान सरकार की Mukh Mantri Sehat Yojana पंजाब के सभी वास्तविक निवासियों, जिनमें मध्यम वर्गीय परिवार, सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी शामिल हैं, को प्रति परिवार प्रतिवर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है।”
यह योजना अपडेटेड हेल्थ बेनिफिट पैकेज 2.2 फ्रेमवर्क के तहत संचालित हो रही है, जिसमें लगभग 2,300 हेल्थ बेनिफिट पैकेज शामिल हैं। ये सुविधाएँ 839 सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, 98 विशेष उपचार पैकेज केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
अब बीमारी से नहीं टूटेंगे परिवार! पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना से लोगों को मिल रहा नया सहारा
इस योजना का प्रभाव अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। 16 मई तक 1.59 लाख से अधिक लाभार्थियों का इलाज किया जा चुका था और 3.11 लाख से ज्यादा प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। अब तक ₹522 करोड़ से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। हर आँकड़े के पीछे एक कहानी है; एक किसान की, जिसे सर्जरी के लिए अपनी ज़मीन नहीं बेचनी पड़ी;एक बच्चे की, जिसका इलाज बिना देरी शुरू हो गया; और उस परिवार की, जो गंभीर बीमारी के बाद कर्ज के चक्र में फँसने से बच गया।
लुधियाना की व्यस्त गलियों से लेकर तरन तारन के शांत गाँवों तक योजना को लेकर जागरूकता भी तेज़ी से बढ़ रही है। अब तक 43 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। लुधियाना, पटियाला और जालंधर जैसे जिलों में विशेष रूप से मज़बूत नामांकन देखा जा रहा है, क्योंकि परिवार अब डर के कारण नहीं, बल्कि तैयारी के साथ आगे आ रहे हैं।
आसान रजिस्ट्रेशन और ₹10 लाख कैशलेस इलाज, ‘Mukh Mantri Sehat Yojana’ से परिवारों को बड़ी राहत
इस योजना की सबसे व्यावहारिक बात इसकी सरल प्रक्रिया है। रजिस्ट्रेशन कॉमन सर्विस सेंटर, सरकारी अस्पतालों, जिला कार्यालयों और विशेष शिविरों में करवाया जा सकता है। सामान्य दस्तावेज़ जैसे कि आधार कार्ड और वोटर कार्ड ही पर्याप्त हैं। योजना में केवल अस्पताल में भर्ती होने का ख़र्च ही नहीं, बल्कि इलाज से पहले की जाँच और इलाज के बाद की देखभाल भी शामिल है, जिससे बीमारी के बाद होने वाले छिपे हुए खर्चों से भी राहत मिलती है।
*Mukh Mantri Sehat Yojana के तहत पंजाब के परिवार इस तरह ₹10 लाख तक की बचत कर सकते हैं:*
•सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज, जिससे सीधे मेडिकल ख़र्च कम होते हैं
•सर्जरी, डायलिसिस, कैंसर उपचार, नवजात शिशु देखभाल और आपातकालीन सेवाएँ शामिल हैं
•इलाज से पहले और बाद के ख़र्च भी कवर, जिससे छिपे हुए आर्थिक बोझ से राहत मिलती है
•स्थानीय केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में सरल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
•बीमारी के समय कर्ज, संपत्ति बेचने और ऊँचे ब्याज पर उधार लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना धीरे-धीरे पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता को बदल सकती है। ऐसे क्षेत्र में, जहाँ निजी चिकित्सा ख़र्च तेज़ी से बढ़े हैं, यह योजना केवल धन नहीं बल्कि निश्चितता भी प्रदान करती है , जो धन से कहीं अधिक दुर्लभ चीज़ है। और लाखों परिवारों के लिए यह निश्चितता वैसी ही महसूस होती है, जैसे लंबे समय तक साँस रोकने के बाद फिर से खुलकर साँस लेना।
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