
चंडीगढ़, 19 जुलाई,2026 (Punjab Media Team)। पंजाब की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को बड़ा बढ़ावा मिला है क्योंकि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 पास कर ली है। नीट का पेपर लीक होने के कारण पहली परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद देश भर में पुनः परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके परिणाम घोषित कर दिए गए हैं।इस संबंध में विवरण साझा करते हुए, पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने नीट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों (Govt School NEET Qualifiers Students) को बधाई देते हुए उनके चिकित्सा क्षेत्र में स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा, “एक बार फिर, हमारे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कठोर परिश्रम से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस वर्ष, हमारे 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है, जो ‘शिक्षा क्रांति’ के प्रभाव और हमारे शिक्षकों के समर्पण को दर्शाता है।”
हरजोत बैंस बोले, Govt School NEET Qualifiers Students की संख्या दो वर्षों में दोगुनी होकर 882 पहुंची।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में Govt School NEET Qualifiers Students की संख्या प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बढ़ते मानकों की स्पष्ट मिसाल है। वर्ष 2024 में 437 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी और वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 847 हो गई थी। इस वर्ष 882 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा पास की है, जो वर्ष 2024 की तुलना में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाती है। पेपर लीक और पुनः परीक्षा के कारण 2026 की परीक्षा में आई बाधा के बावजूद यह सफलता हासिल की गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सार्वजनिक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “शिक्षा गरीबी को समाप्त करने और जीवन को नई दिशा देने का सबसे शक्तिशाली साधन है। इस वर्ष परीक्षा में आई बाधा के बावजूद, नीट में हमारे सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि हमारे बच्चे उचित सहायता और अनुकूल वातावरण के साथ क्या कुछ हासिल नहीं कर सकते।”
इस वर्ष नीट परीक्षा पास करने वालों में से लुधियाना जिले के स्कूल ऑफ एमिनेंस, सेखेवाल के विद्यार्थी प्रतीक कुमार की कहानी प्रदेश के शिक्षा सुधारों के व्यापक प्रभाव को उजागर करती है। 16,000 रुपये मासिक वेतन वाले एक निजी स्कूल शिक्षक के पुत्र, प्रतीक ने नीट-यूजी 2026 में 720 में से 594 अंकों के साथ 99.3 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
16 हजार वेतन वाले शिक्षक के बेटे प्रतीक ने नीट-यूजी में 99.3 प्रतिशत अंक हासिल कर मिसाल कायम की।
उसने सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के “पेस” कार्यक्रम के तहत निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाओं और मॉक टेस्टों के माध्यम से परीक्षा की तैयारी की। प्रतीक एक ऑन्कोलॉजिस्ट बनकर कैंसर के रोगियों की सेवा करना चाहता है। उसकी उपलब्धि दर्शाती है कि सही दिशा व सहायता, समर्पण और कठोर परिश्रम से वित्तीय बाधाओं को पार किया जा सकता है।
प्रतीक के पिता ने कहा, “मैं हमेशा मानता था कि शिक्षा ही हमारे परिवार की किस्मत बदलने का एकमात्र जरिया है। पंजाब सरकार की निःशुल्क कोचिंग और मॉक टेस्टों ने प्रतीक को नई दिशा दी। आज, जब उसने नीट परीक्षा पास कर ली है, यह हमारे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण और खुशनुमा दिन है।”
नीट परीक्षा में विद्यार्थियों की सफलता प्रगति की ओर बढ़ते प्रदेश के कदमों को दर्शाती है। इस वर्ष की शुरुआत में, नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए भारत के सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्य का दर्जा हासिल किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मेंटरशिप और परीक्षा की तैयारी प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार कौशल की पहचान करने और उसे निखारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर बच्चे को अपने सपनों को साकार करने के लिए विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान की जाए।
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