
चंडीगढ़, 2 जून: (Punjab Media Team)। शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि “पंजाब शिक्षा क्रांति” पहल की सफलता की सजीव तस्वीर पेश करते हुए प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 59 विद्यार्थियों ने भारत की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Advanced 2026 पास कर ली है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 44 क्वालीफायरों की तुलना में इस बार 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने 59 सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी, जिनकी मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल हुई है।
जिला-वार आंकड़े साझा करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि पटियाला जिला 11 क्वालीफायरों के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद संगरूर 7 विद्यार्थियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। लुधियाना, फिरोजपुर और एसएएस नगर से 6-6 विद्यार्थी चयनित हुए। फतेहगढ़ साहिब से 5, अमृतसर और जालंधर से 4-4, बठिंडा और गुरदासपुर से 3-3, फाजिल्का से 2 तथा रूपनगर और होशियारपुर से 1-1 विद्यार्थी JEE Advanced पास करने में सफल रहे।
इस उपलब्धि को सरकारी स्कूल शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यह कोई अचानक हुआ चमत्कार नहीं है, बल्कि हम एक साल में 44 से 59 तक पहुंच गए हैं।” उन्होंने कहा कि अब गांव का बच्चा भी अगर हिम्मत रखता है तो मुश्किलों को पार कर सकता है और लाखों रुपये की कोचिंग खर्च किए बिना भारत की सबसे कठिन परीक्षा पास कर सकता है। पंजाब शिक्षा क्रांति की यही सच्चाई है जो अब साकार होती दिख रही है। हमारे विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में पढ़कर JEE Advanced पास कर रहे हैं, एसी कोचिंग सेंटर्स से नहीं। यही असली क्रांति है।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब आईआईटी में रच रहे नया इतिहास
स. बैंस ने कहा, “यह नतीजा उस भ्रम को भी दूर करता है कि आईआईटी में केवल बड़े-बड़े प्राइवेट कोचिंग हब से पढ़े छात्र ही जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब शिक्षा क्रांति का असली लक्ष्य आधारभूत हस्तक्षेप और योग्य शिक्षकों की सही मार्गदर्शन के माध्यम से सरकारी स्कूलों को उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग कौशल पैदा करने वाला बनाना है। अब पंजाब का हर बच्चा बड़े सपने देख सकता है और देश की सबसे कठिन परीक्षाएं पास कर सकता है।
इस उपलब्धि का श्रेय व्यवस्थागत सुधारों को देते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के लक्षित कार्यों का नतीजा है। यह पहल सरकारी स्कूलों में जेईई और नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, बेहतर बुनियादी ढांचा और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है।
संघर्ष से सफलता तक, सरकारी स्कूल विद्यार्थियों ने JEE Advanced जीता
शिक्षा मंत्री ने बताया कि विपक्षी नेताओं ने पहले सरकार के कोचिंग कार्यक्रमों को ‘चुनावी जुमला’ बताकर खारिज कर दिया था। लेकिन जेईई और नीट क्वालीफायरों में साल-दर-साल लगातार वृद्धि असली सच दिखाती है, क्योंकि आंकड़े झूठ नहीं बोलते। हमारे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब देश के सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों के साथ मुकाबला करने के योग्य बन रहे हैं।
स. बैंस ने कहा कि हर सफल विद्यार्थी के पीछे दृढ़ इरादा, त्याग और मेहनत की कहानी छिपी होती है। उन्होंने कहा कि JEE Advanced में पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की सफलता केवल एक परीक्षा का नतीजा नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिले शैक्षणिक अवसर जीवन कैसे बदल सकते हैं।
स. बैंस ने होशियारपुर के स्कूल ऑफ एमिनेंस भगपुर सटौर की प्रिया भारद्वाज की कहानी का जिक्र करते हुए बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी एकल मां ने निजी कंपनी में काम करके मात्र 1.44 लाख रुपये की सालाना आय से बेटी को पाला और परिवार का गुजारा चलाया। आर्थिक तंगी के बावजूद प्रिया अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर और प्रतिबद्ध रही तथा पंजाब सरकार की कोचिंग और मार्गदर्शन से JEE Advanced पास किया। वह अब इंजीनियर बनकर अपने स्वर्गीय पिता के सपने को पूरा करना चाहती है।
इसी प्रकार फतेहगढ़ साहिब के स्कूल ऑफ एमिनेंस अमलोह के हर्ष माधव ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा दी गई निःशुल्क कोचिंग, मॉक टेस्ट और मार्गदर्शन ने उन्हें JEE Advanced की तैयारी में मदद की। उनके पिता निजी कंपनी में 18,000 रुपये प्रतिमाह कमाते हैं और परिवार निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकता था। वह अब आईआईटी मुंबई में दाखिला लेकर अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की इच्छा रखते हैं।
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