मोहाली, 4 मई Punjab Media Team)। पंजाब के गांवों को खेल बुनियादी ढांचे के विकास के केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान राज्य भर में 15 जुलाई तक विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले 3,100 Sports Grounds लोगों को समर्पित करेंगे, जिनमें से आज उन्होंने 250 Sports Grounds का उद्घाटन किया। युवाओं में नशे की समस्या को दूर करने में खेलों की भूमिका को अहम बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार सिर्फ बुनियादी ढांचा विकसित नहीं कर रही, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य खिलाड़ी पैदा करने के उद्देश्य से युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण, पेशेवर कोच और खेल उपकरण प्रदान करके इस कदम को अधिक से अधिक बढ़ावा भी दे रही है।
खेलों में निवेश के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि खेल बजट, जो पहले 200 करोड़ रुपए से भी कम था, को बढ़ाकर उनकी सरकार ने 1,790 करोड़ कर दिया है। इसके साथ ही किला रायपुर ‘ग्रामीण ओलंपिक’ की शुरुआत के माध्यम से पंजाब की खेल विरासत को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि भगवंत मान सरकार सूबे को देश और पूरे विश्व के खेल नक्शे पर मजबूती से खड़ा करने का दृष्टिकोण लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार हर गाँव के विकास को उसी खजाने से सुनिश्चित कर रही है, जिसके खाली होने का दावा पिछली सरकारें करती रही हैं।
उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देना सूबा सरकार के नशों के खिलाफ युद्ध में सबसे प्रभावशाली साधन हो सकता है। युवाओं की असीम ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए Sports Grounds में खेलों को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि वे खेलों में बड़ी सफलता हासिल कर सकें।
Sports Grounds से सूबे में से नशों के कलंक को खत्म करने की कोशिश
उन्होंने आगे कहा कि यह सूबे में से नशों के कलंक को खत्म करने और युवाओं को सामाजिक-आर्थिक विकास में बराबर का भागीदार बनाने में अधिक सहायक सिद्ध होगा। इस पहल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के स्वस्थ शरीर और तंदुरुस्त दिमाग को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार पहले चरण के तहत 1,250 करोड़ की लागत से राज्य भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है।
इनमें से 250 मैदान आज समर्पित कर दिए गए हैं और बाकी बचे सभी मैदान चरणबद्ध तरीके से 15 जुलाई तक समर्पित कर दिए जाएंगे। इसके चरणबद्ध कार्यान्वयन के बारे में अधिक जानकारी देते हुए, 250 मैदान आज समर्पित किए गए हैं और बाकी 500 मैदान 15 मई को, 250 मैदान 31 मई को, 500 मैदान 15 जून को, 1,000 मैदान 30 जून को और 600 मैदान 15 जुलाई को समर्पित किए जाएंगे।
नशा विरोधी मुहिम में इन मैदानों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये ग्रामीण खेल मैदान ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम में अहम और क्रांतिकारी भूमिका निभाएंगे। ये न सिर्फ युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के उनके सपनों को साकार करने में भी मदद करेंगे। ये मैदान उभरते खिलाड़ियों के लिए उम्मीद की किरण के रूप में काम करेंगे और पंजाब में खेल संस्कृति को पल्लवित करेंगे।”
Sports Grounds के साथ खेल किटें और उपकरण वितरण देने पर विशेष ध्यान
सुविधाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हर मैदान में चारदीवारी होगी, जिसके घेरे के साथ-साथ पौधे लगाए जाएंगे, छह फुट चौड़ा वॉकिंग ट्रैक होगा और सुबह व शाम के लिए फ्लड लाइट्स की सुविधा होगी। इसके अलावा वॉलीबॉल, फुटबॉल और हॉकी के लिए कोर्ट के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय खेलों के लिए अतिरिक्त कोर्ट भी होंगे।
प्रशिक्षण और सहायता के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खेल किटें और उपकरण वितरण और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी मैदानों के लिए फुटबॉल और वॉलीबॉल कोच नियुक्त किए जाएंगे और बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकें।” उन्होंने आगे कहा, “इन मैदानों के रखरखाव के लिए ग्रामीण खेल और तंदुरुस्ती समितियां बनाई जाएंगी।”
वित्तीय प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सूबे ने खेल बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की है, जिसके तहत 2026-27 के लिए 1791 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। वर्ष 2023 में पेश की गई एक नई खेल नीति युवाओं को तैयारी के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित करती है, जिसमें ओलंपिक के लिए 15 लाख और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपए की सुविधा है।” उन्होंने आगे कहा कि पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों को 1-1 करोड़, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 1-1 करोड़ रुपए और नौ ओलंपिक पदक विजेताओं को पीसीएस और डीएसपी नौकरियां दी गई हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ ने राज्य में एक मजबूत खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया है। ये खेल युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने हेतु तीन वर्षों के लिए करवाए गए, जिसमें 2024-25 के दौरान 5 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया और तीन वर्षों में 97.3 करोड़ खर्च किए गए।”
किला रायपुर ग्रामीण खेलों ने ‘मिनी ओलंपिक’ के रूप में विश्व स्तर पर पहचान हासिल
पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने के बारे में उन्होंने कहा कि किला रायपुर ग्रामीण खेलों ने ‘मिनी ओलंपिक’ के रूप में विश्व स्तर पर पहचान हासिल की है। पंजाब विधान सभा ने 11 जुलाई, 2025 को सर्वसम्मति से जानवरों के प्रति क्रूरता की रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025 पारित किया, जिससे बैलगाड़ी दौड़ जैसे पारंपरिक ग्रामीण खेलों को पुनर्जीवित किया गया। वर्ष 2014 के बाद इस वर्ष ये दौड़ें एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बनीं।”
खेलों में पंजाब के बढ़ते कद का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पहली बार पंजाब को ‘एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी’ के रूप में एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने का अवसर मिला है। मजबूत पंजाबी प्रतिनिधित्व के बावजूद, पंजाब ने अब तक कभी भी किसी बड़े हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की। मैच बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में होंगे।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान गाँव के खिलाड़ियों से मिले, किटें बाँटी और वॉलीबॉल कोर्ट पर महिला खिलाड़ियों को भी हौसला अफजाई की।
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