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कैंसर का शीघ्र पता लगाना ही इसके प्रभावी उपचार की कुंजी

Punjab Media

चंडीगढ़, 30 जुलाई:
कैंसर के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, पंजाब सरकार ने World Health Organization (WHO), भारत के साथ तालमेल बिठाकर बठिंडा, एसएएस नगर (मोहाली) और गुरदासपुर जिलों में एक व्यापक और जन-केंद्रित कैंसर देखभाल पायलट परियोजना ‘Mission Umeed’ शुरू की है। इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, डॉ. बलबीर सिंह और भारत में World Health Organization के प्रतिनिधि डॉ. रोडेरिको एच. ओफ्रिन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जो कैंसर देखभाल सेवाओं को मजबूत करने और सभी के लिए तत्काल, समान और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता के तहत एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

यह अग्रणी पहल विकेन्द्रीकृत और प्रणाली-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर, जो भारत में तीन सबसे अधिक प्रचलित और रोकथाम योग्य कैंसर बीमारियाँ हैं, का शुरुआती चरण में ही पता लगाने, समय पर जांच और तुरंत उपचार सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है। यह प्रणाली गैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के साथ रणनीतिक रूप से मेल खाती है और इसका उद्देश्य पंजाब की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के सभी स्तरों, अर्थात् जमीनी स्तर पर आयुष्मान आरोग्य केंद्रों से लेकर उन्नत तृतीयक देखभाल अस्पतालों तक, कैंसर देखभाल सेवाओं को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य कैंसर के मामलों संबंधी मौजूदा प्रवृत्ति को पलटना है, जहाँ पंजाब में 60 प्रतिशत से अधिक कैंसर के मामलों का पता उन्नत चरण में होता है, जिससे इसके प्रभावी ढंग से उपचार की गुंजाइश सीमित रह जाती है।

डॉ. रोडेरिको एच. ओफ्रिन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति पंजाब के प्रभावशाली दृष्टिकोण और एनसीडी (गैर-संचारी रोगों) की रोकथाम एवं नियंत्रण संबंधी प्रयासों की सराहना की

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि कैंसर का मतलब मृत्यु नहीं है और यदि समय पर इसका पता लग जाए तो यह बहुत हद तक ठीक हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसका शीघ्र पता लगना ही इसके प्रभावी उपचार की कुंजी है। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वास्थ्य में हमारे विश्वास को एक मौलिक अधिकार के रूप में दर्शाती है और सभी के लिए एक प्रभावी और समावेशी स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के हमारे संकल्प का प्रतिबिंब है।

उन्होंने कहा कि हम एक मिसाल कायम कर रहे हैं और यह दिखा रहे हैं कि कैसे आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली और मजबूत साझेदारी के माध्यम से हम मरीजों की कीमती जिंदगियां बचा सकते हैं। उन्होंने गैर-स्वस्थ जीवन शैली और खराब आहार संबंधी आदतों को कैंसर की बढ़ती घटनाओं के लिए एक बड़ा कारक बताया और नागरिकों को एक स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह दी जिसमें रोजाना कम से कम एक घंटा शारीरिक कसरत और घर में पकाया पौष्टिक भोजन खाना आदि शामिल है।

भारत में डब्ल्यू.एच.ओ. के प्रतिनिधि डॉ. रोडेरिको एच. ओफ्रिन ने पंजाब के सुचारु सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण और एनएसडी (गैर-संचारी रोगों) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि ‘मिशन उम्मीद’ अपनी व्यापक कार्य योजना के साथ देश में व्यापक कैंसर देखभाल में अग्रणी भूमिका के रूप में उभरता है। उन्होंने कहा कि इन निवेशों और प्रयासों को कायम रखते हुए पंजाब 2030 तक एसडीजी-3 के एनएसडी लक्ष्यों को प्राप्त करने के रास्ते पर है। उन्होंने आगे कहा कि डब्ल्यू.एच.ओ. इस महत्वपूर्ण पहल में भागीदार होने पर गर्व महसूस करता है और इस मॉडल को देश भर में अपनाए जाने के लिए अपनी समग्र तकनीकी सहायता की पेशकश जारी रखेगा।

World Health Organization: स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर के मानक उपचार के लिए स्टैंडर्ड गाइडलाइंस जारी कीं

यह परियोजना इंडिया हाइपरटेंशन कंट्रोल इनिशिएटिव जैसे क्षेत्रों में डब्ल्यू.एच.ओ. इंडिया के साथ पंजाब के मजबूत सहयोग पर आधारित है और अब कैंसर जैसी गंभीर चुनौती को हल करने के लिए उस साझेदारी का विस्तार करता है। शुरुआती खोज और उपचार के पालन में वृद्धि करने के अलावा, इस पायलट परियोजना का उद्देश्य तीसरे दर्जे के अस्पतालों पर बोझ घटाना, कम्युनिटी-स्तरीय स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना और एक स्केलेबल मॉडल स्थापित करना है जो कैंसर की रोकथाम और उपचार में राष्ट्रीय और विश्वव्यापी रणनीतियाँ तैयार करता है। World Health Organization

इससे पहले डॉ. बलबीर सिंह ने स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (एसटीजीज़) भी जारी किए, जो स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं और नीति निर्माताओं के लिए राज्य भर में समान, उच्च-गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप प्रदान करते हैं। एसटीजीज़ एम्स दिल्ली, पीजीआई, होमी भाभा, सरकारी मेडिकल कॉलेजों के तकनीकी विशेषज्ञों और राज्य भर के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं।

इस मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, विशेष सचिव स्वास्थ्य-सह-एमडी एनएचएम घनश्याम थोरी, निदेशक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण डॉ. हितिंदर कौर, एसपीओ एनपी-एनसीडी डॉ. गगनदीप सिंह ग्रोवर, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. आशु, डॉ. अभिषेक कुंवर नेशनल प्रोफेशनल ऑफिसर (एनसीडी) डब्ल्यूएचओ – भारत, डॉ. आशीष भट्ट नेशनल एनसीडी ऑफिसर डब्ल्यूएचओ – भारत, डॉ. अभिषेक खन्ना नेशनल प्रोफेशनल ऑफिसर (स्वास्थ्य प्रमोशन और एसडीएच) डब्ल्यूएचओ – भारत भी मौजूद थे।

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