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सॉफ्टवेयर इंजीनियर: तेजी से बढ़ता करियर क्षेत्र

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डिजिटलाइजेशन के दौर में Software Engineer सेक्टर आजकल बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न मोबाइल एप्स, आॅनलाइन पोर्टल और वेबसाइट के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मांग बढ़ रही है जो प्रॉडक्ट और सर्विसेज के लिए उन्हें विकसित करते हैं। आजकल दुनियाभर में कंपनियां डिजिटल संसाधनों का उपयोग करके अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए डिजिटलाइजेशन पर जोर दे रहीं हैं। इसलिए, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में बहुत स्कोप है। आपको बता दें, इन सभी तकनीकी चीजों को इस्तेमाल करने के लिए इनमे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है। जिसको बनाना एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम है।

शैक्षिणक योग्यता:

यदि आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो इस विषय में बीटेक या बीई की डिग्री का विकल्प उपलब्ध है। इसके अलावा, बीसीए या बीएससी इन कंप्यूटर साइंस/आईटी के माध्यम से भी अपने लिए रास्ता बना सकते हैं। बैचलर और मास्टर्स स्तर पर डिप्लोमा कोर्स भी हैं। मास्टर्स स्तर के डिग्री कोर्स का विकल्प भी आपके अवसरों में बढ़ोतरी करेगा। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ जिन्होंने बारहवीं उत्तीर्ण की है, वे बैचलर स्तर के कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में बीई और बीटेक कोर्स इंजीनियरिंग के अधिकतर बड़े संस्थानों में उपलब्ध हैं, जिसके लिए इंजीनियरिंग की अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा रास्ता बनाती है। इसके आगे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में एमटेक भी कर सकते हैं। कई निजी और प्रतिष्ठित संस्थान भी अपनी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से इस विषय में डिग्री प्रदान करते हैं।

आॅनलाइन कोर्स

सॉफ्टवेयर से सम्बंधित विभिन्न कोर्स आॅनलाइन भी मौजूद हैं। कई डिप्लोमा कोर्स भी हैं, जिन्हें छात्र छह महीने में पूरा कर सकते हैं। उडेमी, एडएक्स, कोसेर्रा, अपग्रेड जैसे आॅनलाइन एजुकेशन के प्लेटफॉर्म बड़ी कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे शॉर्ट टर्म कोर्स इस क्षेत्र में अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। कोरोनाकाल के बाद कई संस्थानों ने भी स्पेशलाइजेशन के रूप में आॅनलाइन कोर्स शुरू किए हैं। हालांकि तकनीकी क्षेत्र होने के चलते इसमें प्रैक्टिकल के लिए आॅफलाइन ट्रेनिंग अवसरों में बढ़ोतरी करती है। यूटूब पर बड़ी संख्या में स्टडी मटीरियल मौजूद है।

रोजगार की संभावनाएं

सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के लिए गूगल, ओरेकल, इन्फोसिस, एक्सेंचर जैसी बड़ी और सभी छोटी सॉफ्टवेयर कंपनियों में दरवाजे खुलते हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से जुड़े अन्य क्षेत्रों में कोर्स किए हुए युवाओं को भी यहां अवसर मिलते हैं। स्टार्टअप का दौर आने के बाद से इस क्षेत्र में कंसल्टेंसी का काम भी बढ़ा है। तकनीक आधारित काम होने के कारण विदेशों में भी अवसर मिलते हैं। सॉफ्टवेयर डेवलपिंग इंडस्ट्री, एप डेवलपिंग, बैंकिंग, फाइनेंस, आर्मी, रोबोटिक्स, साइबर इंडस्ट्री, गेम डिजाइनिंग इंडस्ट्री, रेलवे व आईटी में बड़े पैमाने पर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नियुक्ति होती है। अनुभव के बाद सिस्टम इंजीनियर या फ्रीलांस कंसल्टेंट के रूप में काम कर सकते हैं। सॉफ्टवेयर कंसल्टिंग फर्म खोल सकते हैं।

प्रमुख संस्थान

  • वीआईटी, बेंगलुरू (बीसीए, एमटेक इन एसई)
  • जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली (बीटेक इन सीई)
  • इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद (बीटेक इन आईटी)
  • एमिटी इंस्टीट्यूट आॅफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पटना (बीसीए)
  • शारदा यूनिवर्सिटी, नोएडा (एमसीए)
  • आईआईटी एवं एनआईआईटी संस्थान

बिना डिग्री के करियर बनाने में मदद करेंगे ये टिप्स

  • अपने कौशल को विकसित करें: प्रोग्रामिंग भाषाओं, आॅपरेटिंग सिस्टम, और सॉफ्टवेयर टूल्स जैसे प्रासंगिक तकनीकी कौशल सीखें।
  • प्रमाण-पत्र प्राप्त करें: अपने कौशल और ज्ञान को मान्य करने के लिए प्रासंगिक प्रमाणपत्र प्राप्त करें।
  • अनुभव: इंटर्नशिप, स्वयंसेवी कार्य, या फ्रीलांस प्रोजेक्ट के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करें।
  • नेटवर्क बनाएं: उद्योग के पेशेवरों से जुड़ें और संभावित नियोक्ताओं के साथ संबंध बनाएं।
  • अपडेट रहें: आईटी उद्योग में नवीनतम रुझानों और विकासों के बारे में पूरी तरह से अपडेट रहें।

‘शिक्षा ऐसा वृक्ष है जो दिल में उगता है, दिमाग में पलता है और जुबान से फल देता है’

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