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Sanour में 87 करोड़ की लागत से सड़कों के नवीनीकरण की शुरुआत

Punjab Media

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा विकास परियोजनाओं की सौगात

सनौर (पटियाला), 30 मार्च। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला के Sanour विधानसभा क्षेत्र में व्यापक बुनियादी ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत करके पंजाब के विकास में जमीनी स्तर पर तेजी लाई। इस मौके पर उन्होंने 87 करोड़ रुपये की सड़क नवीनीकरण कार्यों के साथ-साथ 27 करोड़ रुपये की नहरी लाइनिंग परियोजनाओं का ऐलान किया, जिससे 83 गांवों में 40,066 एकड़ रकबे को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।

पिछली सरकारों की तुलना में मौजूदा समय के मिसाल बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान भ्रष्टाचार के कारण कुछ ही दिनों में सड़कों की हालत खस्ता हो जाती थी, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा ठेकेदारों के लिए सड़कों के पांच साल के अनिवार्य रखरखाव संबंधी धारा लागू की गई है, जिससे जवाबदेही में वृद्धि होगी। उन्होंने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार ने न केवल सिंचाई अधीन रकबा पहले के 21,050 एकड़ से बढ़ा दिया है, बल्कि कानूनी लड़ाई के माध्यम से हरियाणा को दिए जाने वाले भाखड़ा नहर के पानी का पंजाब का 25 प्रतिशत हिस्सा भी प्राप्त किया है, ताकि किसानों को उनका हक मिल सके।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की बेमिसाल तरक्की को देखकर पारंपरिक पार्टियां अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं। आज, पंजाब के विकास की गाड़ी फिर से पटरी पर आ गई है और हर गुजरते दिन के साथ इसकी गति और तेज हो रही है। विपक्षी पार्टियों को यह बात हजम नहीं हो रही, जिस कारण वे रोजाना बेबुनियाद और तर्कहीन बयान जारी कर रही हैं। यह विपक्षी पार्टियों में निराशा को दर्शाता है, जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली से ईर्ष्या करती हैं।”

Sanour क्षेत्र में 49.60 करोड़ रुपये की लागत से कई नई लिंक सड़कें बनाई जाएंगी

सनौर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज Sanour क्षेत्र में 49.60 करोड़ रुपये की लागत से कई नई लिंक सड़कें बनाई जाएंगी और कुछ मौजूदा सड़कों को नया रूप दिया जाएगा। लोग जल्द ही Sanour अपने गांवों जाने वाली सड़कों में प्रत्यक्ष बदलाव देखेंगे। मुख्य पटियाला-पिहोवा सड़क को नया रूप दिया जाएगा और दिल्ली जाने वाली आवाजाही को आसान बनाने के लिए जल्द ही इसे चार लेन का बनाया जाएगा।”

जवाबदेही में वृद्धि पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों की तरह सड़कें अब घटिया दर्जे की नहीं होंगी क्योंकि अब सड़कों के रखरखाव संबंधी पांच साल की जिम्मेदारी ठेकेदारों के पास है और किसी भी नुकसान के नतीजे में भुगतान रोका जा सकता है, ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और भविष्य में कोई भी ठेका न देने के साथ-साथ अन्य परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।”

सड़क बुनियादी ढांचे के विकास के स्तर पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब सरकार द्वारा सूबे के इतिहास का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिसके तहत कुल 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।”

Sanour में ये सभी सड़कें पांच साल के रखरखाव की धारा के अधीन बनाई जाएंगी

उन्होंने कहा, “Sanour में ये सभी सड़कें पांच साल के रखरखाव की धारा के अधीन बनाई जाएंगी, जिससे विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य सूबे में बेहतर आवागमन सुविधाएं प्रदान करना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है, जिससे आम लोगों को बड़ा लाभ होगा।”

पानी के संरक्षण और सिंचाई के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पानी के रक्षक होने का दावा करने वालों ने कभी भी पानी की संरक्षण की ओर ध्यान नहीं दिया, जबकि पंजाब सरकार द्वारा पानी की हर बूंद की बचत की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “सूबे में 6,900 किलोमीटर लंबी 18,349 खालों को बहाल किया गया है, ताकि सूबे के दूर-दराज के हिस्सों में पानी उपलब्ध करवाया जा सके, जिससे किसानों को बड़ा लाभ हुआ है। हमारी सरकार ने नहरी प्रणाली को फिर से जीवित करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, ताकि सूबे के हर क्षेत्र तक पानी पहुंच सके, और पहली बार सूबे के 1,444 गांवों को नहरी पानी मिला है।”

पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पहला स्थान प्राप्त किया

शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पहला स्थान प्राप्त किया है और यह सभी पंजाबियों के लिए बेहद गर्व और संतुष्टि की बात है कि इस सर्वेक्षण में सूबे ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है।”

उन्होंने कहा, “पिछले कुछ वर्षों के दौरान 740 छात्रों ने जेईई परीक्षा और 1,284 ने नीट परीक्षा पास की है तथा 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही कार्यशील हो चुके हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये स्कूल प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी योग्यताओं और रुचियों के अनुसार शिक्षा प्रदान करके उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पहली बार, 24 लाख माता-पिता ने मेगा पीटीएम में हिस्सा लिया है।”

शिक्षा सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों में छात्रों को मेडिकल और नॉन-मेडिकल समेत सभी स्ट्रीम की पेशकश की जा रही है।” उन्होंने आगे कहा, “छात्रों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी, नीट, जेईई और सीएलएटी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए कोचिंग भी प्रदान की जा रही है।”

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