
चंडीगढ़, 5 अप्रैल
पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री Aman Arora ने विभाग के अधिकारियों को अप्रैल 2025 के अंत तक सभी Sarpanches, Nambardars and Municipal Councillors (MC) की Online Login ID’s का कार्य पूरा करने के आदेश दिए हैं ताकि राज्य के नागरिकों को पारदर्शी तरीके से सेवाएं प्रदान करने संबंधी प्रक्रिया को और सुचारू बनाया जा सके। Punjab State e-Governance Society PSEGS के बोर्ड ऑफ गवर्नर्ज़ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कुल 43,321 सरपंचों, नंबरदारों और एम.सीज़. की ऑनलाइन आई.डीज़ बनाई जा चुकी हैं ताकि वे आवेदन और प्रमाणपत्रों की ऑनलाइन तस्दीक कर सकें। यह प्रणाली लागू होने से लोगों को अपने कार्य करवाने के लिए इन स्थानीय प्रतिनिधियों के पास बार-बार जाने से छुटकारा मिलेगा।
सरपंच, नंबरदार और एम.सी. ऑनलाइन तस्दीक करेंगे आवेदन
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विकास प्रताप ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि सरपंचों, नंबरदारों और एम.सीज़. की 41,000 (लगभग 95 प्रतिशत) से अधिक ऑनलाइन लॉगिन आई.डीज़ पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। उन्होंने मंत्री को भरोसा दिया कि राज्य के सभी स्थानीय प्रतिनिधियों की लॉगिन आई.डीज़ इस महीने के अंत तक बना दी जाएंगी।
श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि नागरिक केंद्रित सेवाओं को सभी नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाते हुए राज्य सरकार ने डोरस्टेप डिलीवरी फीस 120 रुपये से घटाकर 50 रुपये कर दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई में इस कदम के तहत राज्य के निवासी हेल्पलाइन नंबर-1076 पर कॉल करके घर बैठे 406 सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। डिलीवरी फीस में कटौती का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कमजोर वित्तीय हालात वाले नागरिक भी इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
अमन अरोड़ा ने Punjab State e-Governance Society PSEGS के बोर्ड ऑफ गवर्नर्ज़ की बैठक की अध्यक्षता की
पंजाब सरकार की अपने नागरिकों के जीवन को सुखद बनाने और उन्हें निर्विघ्न सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि Punjab State e-Governance Society PSEGS कई पहलुओं पर सक्रियता से काम कर रही है और नवीनतम आई.टी. और ई-गवर्नेंस समाधान प्रदान कर रही है, जिससे प्रशासन में और सुधार और पारदर्शी सेवा प्रदान करने में योगदान डाला जा रहा है।
गौरतलब है कि बोर्ड ने कई मुख्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की, जिनमें ई-सेवा, जन शिकायत निवारण प्रणाली (पी.जी.आर.एस.), सूचना का अधिकार (आर.टी.आई.) पोर्टल, एम-सेवा, राज्य एडमिशन पोर्टल, कनेक्ट पोर्टल और विज़िटर पास प्रबंधन प्रणाली शामिल है।
इस बैठक में विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री घनश्याम थोरी, निदेशक सुशासन श्री गिरीश दियालन, पी.एम.आई.डी.सी. की सी.ई.ओ. श्रीमती दीपती उप्पल, राज्य परिवहन आयुक्त स. जसप्रीत सिंह और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
- कल्याणकारी योजनाओं के तहत 49.56 करोड़ की राशि जारी
- गेहूं की फसल में आग लगने से निपटने के लिए PSPCL द्वारा कंट्रोल रूम स्थापित
Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।




