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पंजाब पुलिस ने सोचे-समझे कत्ल की वारदात को किया नाकाम

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पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) पठानकोट ने घिनौने अपराधों में लिप्त एक संगठित आपराधिक गिरोह के दो नाबालिगों समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार कर सोचे-समझे कत्ल की वारदात को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। यह जानकारी आज यहाँ पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल मसीह उर्फ़ दाना निवासी पखोके टाहली, बटाला और विशाल विलियम निवासी पखोके महिमरन, गुरदासपुर तथा दो नाबालिग, जिन्हें गाँव सलीमपुर अफ़गाना, गुरदासपुर से पकड़ा गया, के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से दो .30 बोर स्टार मार्क पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच से सामने आया है कि आरोपी विदेश-आधारित गैंगस्टरों निशान सिंह, शमशेर सिंह उर्फ़ शेरा मान उर्फ़ हनी और सज्जन मसीह उर्फ़ गोरू के इशारों पर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्यभर में अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं।

एआईजी सीआई पठानकोट सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि जांच से यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार नाबालिगों में से एक सज्जन मसीह का चचेरा भाई है और उसके कहने पर हथियार, विस्फोटक आदि पहुँचाने का काम करता था। उल्लेखनीय है कि सज्जन मसीह उर्फ़ गोरू एक भगोड़ा अपराधी है और सितंबर 2023 में डेरा बाबा नानक थाने में दर्ज हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट मामलों में वांछित है। गिरफ्तारी के बाद वह करीब दो महीने गुरदासपुर जेल में रहा और ज़मानत मिलने के बाद भारत से फरार हो गया।

उन्होंने बताया कि जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि नाबालिगों में से एक ने जनवरी 2024 में डेरा बाबा नानक निवासी हरदीप सिंह, जिसकी बाद में हत्या कर दी गई थी, की रेकी की थी। उस समय उसे बाल सुधार गृह भेजा गया, पर रिहा होने के बाद उसने आपराधिक गतिविधियाँ फिर शुरू कर दीं।

14 अगस्त 2025 को गिरफ्तार आरोपी विशाल मसीह और एक नाबालिग ने होशियारपुर के टांडा में एक प्रॉपर्टी डीलर पर गोलीबारी कर उसे घायल किया था। यह वारदात भी विदेश में बैठे हैंडलरों के कहने पर की गई थी।

एआईजी ने आगे बताया कि आरोपी विशाल मसीह ने एक नाबालिग के साथ मिलकर सज्जन मसीह के निर्देश पर बंग़ा निवासी एक व्यक्ति की रेकी भी की थी और जब वे हत्या को अंजाम देने जा रहे थे, तभी सीआई पठानकोट टीम ने उन्हें काबू कर लिया।

उन्होंने कहा कि इस मामले की गहन जांच जारी है ताकि और कड़ियाँ जोड़ी जा सकें और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ व बरामदगियाँ संभव हैं।

इस संबंध में, एफआईआर नंबर 47 दिनांक 25.08.2025 थाना एसएसओसी अमृतसर में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत दर्ज की गई है।


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