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Baba Baljinder Singh Ji के अंतिम दर्शन हेतु मंत्री चीमा पहुंचे राड़ा साहिब

Punjab Media

लुधियाना, 25 अगस्त
राड़ा साहिब संप्रदाय के मुखी संत Baba Baljinder Singh Ji राड़ा साहिब का रात के दीवान के बाद अपना अचानक ही शरीर छोड़ गए थे। उनके अंतिम दर्शन के लिए पंजाब के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी मंत्री Harpal Singh Cheema सोमवार को गुरुद्वारा करमसर राड़ा साहिब विशेष रूप से पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने संत बाबा बलजिंदर सिंह जी की देह को पंजाब सरकार की ओर से लोई अर्पित की। इस मौके पर हलका पायल के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा भी उपस्थित थे।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि संत Baba Baljinder Singh Ji जी के जाने से सिख कौम को अपूरणीय क्षति हुई है। यह संप्रदाय लंबे समय से सिखी का प्रचार-प्रसार कर रहा है। जहाँ हमें व्यक्तिगत रूप से गहरा दुख हुआ है, वहीं पूरे सिख जगत को भी बड़ा नुकसान पहुँचा है, क्योंकि संत बाबा बलजिंदर सिंह जी राड़ा साहिब वालों ने देश-विदेश में जाकर कीर्तन और कथा (आध्यात्मिक प्रवचन) के माध्यम से सिख संगतों को गुरु से जोड़ा और गुरु के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

बाद में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने भक्ति के प्रतीक और विश्व प्रसिद्ध गुरुद्वारा करमसर राड़ा साहिब के संस्थापक सच्चखंडवासी धन धन बाबा ईशर सिंह जी की 50वीं बरसी समागम के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान सहित हाज़िरी भरी।

“सिखी के प्रचारक महापुरुष Baba Baljinder Singh Ji के बिछोड़े से सिख कौम को बड़ा नुकसान हुआ” – वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा

उन्होंने कहा कि जहाँ आज हम संत बाबा ईशर सिंह जी की 50वीं बरसी मना रहे हैं, वहीं आज राड़ा साहिब संप्रदाय के मुखी संत बाबा बलजिंदर सिंह जी भी हमें सदा के लिए छोड़कर सच्चखंड जा विराजे हैं। यह संगतों के लिए अपूरणीय क्षति है। महापुरुष सदियों बाद इस संसार में आते हैं और संगतों को गुरु के मार्ग से जोड़ते हैं, सामाजिक कुरीतियों को दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि वे पंजाब सरकार की ओर से जहाँ बाबा ईशर सिंह जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हैं, वहीं संत बाबा बलजिंदर सिंह जी के लिए अरदास करते हैं कि परमात्मा उन्हें अपने चरणों में स्थान दे और संगतों को भाणा मानने की शक्ति बख्शे।

उल्लेखनीय है कि सच्चखंडवासी संत बाबा बलजिंदर सिंह जी राड़ा साहिब वालों का अंतिम संस्कार 27 अगस्त को शाम 3 बजे गुरुद्वारा करमसर राड़ा साहिब की कार पार्किंग में होगा। 28 अगस्त सुबह अंगीठा संभाला जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे कीरतपुर साहिब के लिए फूल तारने हेतु प्रस्थान होगा।

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