चंडीगढ़, 25 सितंबर (Punjab Media Team)। पंजाब सरकार ने राज्य को Industry and Investment के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उद्योग विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य में 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है, जिससे करीब 6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार के अनुसार, निवेश अब पारंपरिक औद्योगिक केंद्रों से आगे बढ़कर राज्य के विभिन्न जिलों तक पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों के बढ़ते रुझान से पंजाब के औद्योगिक इकोसिस्टम में विश्वास का संकेत मिलता है। उन्होंने बेहतर बुनियादी ढांचे, आसान मंजूरी प्रक्रिया और जवाबदेह प्रशासन को निवेश आकर्षित करने के प्रमुख आधार बताया। हाल के महीनों में भी सरकार ने पंजाब को उद्योग, निवेश और तकनीक के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया है।
सरकार के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) के माध्यम से प्राप्त नए निवेश प्रस्तावों में मोहाली 9,478 करोड़ रुपये के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद लुधियाना 4,968 करोड़ रुपये, पटियाला 2,590 करोड़ रुपये और होशियारपुर 2,003 करोड़ रुपये के प्रस्तावों के साथ शामिल हैं। फतेहगढ़ साहिब, बठिंडा, कपूरथला और जालंधर जैसे जिलों में भी निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
Industry and Investment में पंजाब की नई पहचान,
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में निवेश का दायरा कृषि, फूड प्रोसेसिंग, विनिर्माण, इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और आधुनिक विनिर्माण तक बढ़ रहा है। सरकार के अनुसार, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईची स्टील्स, वर्धमान, नेस्ले, हिंदुस्तान लीवर और अन्य कंपनियों ने राज्य में निवेश या विस्तार किया है।
मुख्यमंत्री ने मोहाली को तकनीक, स्टार्टअप और नवाचार के उभरते केंद्र के रूप में रेखांकित किया। हाल ही में उन्होंने मोहाली में स्टार्टअप, तकनीक और उद्यमिता के लिए इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया था।
सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए औद्योगिक क्लस्टरों पर भी जोर दिया है। मोहाली में हाई-टेक मेटल क्लस्टर, लुधियाना में ऑयल एक्सपेलर, कल-पुर्जा, टेक्सटाइल और शहद प्रसंस्करण से जुड़े क्लस्टर तथा पटियाला में कटिंग टूल क्लस्टर विकसित करने की योजना बताई गई है।
मान ने कहा कि औद्योगिक नीति का उद्देश्य केवल निवेश के आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसरों में बदलना है। उन्होंने कहा कि पंजाब में उपलब्ध कुशल मानव संसाधन, उद्यमशीलता, औद्योगिक आधार और रणनीतिक स्थिति को मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कारोबारी माहौल के साथ जोड़कर राज्य को घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया जा रहा है।
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