चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (Punjab Media Team)। Bhakra Beas Management Board (बी.बी.एम.बी.) में पंजाब की बनती भागीदारी को सुरक्षित रखने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से लिए गए महत्वपूर्ण फैसले के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने आज Bhakra Beas Management Board में तैनात किए जाने वाले कर्मचारियों के नवगठित अलग कैडर के लिए विभागीय सेवा नियमों को मंजूरी दे दी है।यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया, “पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 के प्रावधानों के तहत पंजाब में भाखड़ा और ब्यास डैमों से संबंधित परियोजनाओं के प्रबंधन के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधकीय बोर्ड को कानूनी इकाई के रूप में गठित किया गया था। भागीदार राज्य—जिनमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं—बोर्ड में विभिन्न पदों पर डेपुटेशन के माध्यम से अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को भेजते हैं।”
Bhakra Beas Management Board में पंजाब के हिस्से के पद कोटा निर्धारित होने के बावजूद अक्सर खाली रहने का मुद्दा सामने आया
हालांकि, विभिन्न पदों के लिए निर्धारित कोटा होने के बावजूद Bhakra Beas Management Board में पंजाब के हिस्से के पद अक्सर खाली रहते हैं, जिसके कारण इन खाली पदों पर दूसरे राज्यों के कर्मचारी तैनात हो जाते हैं। पंजाब अपने तय हिस्से के मुकाबले तैनात कर्मचारियों की संख्या की परवाह किए बिना बोर्ड के खर्चों का 40 प्रतिशत वित्तीय योगदान देता है। इस स्थिति के मद्देनजर बोर्ड में पंजाब के कर्मचारियों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक अलग कैडर स्थापित करने की आवश्यकता महसूस हुई। उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर 2025 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान Bhakra Beas Management Board के लिए 2,452 पदों वाला विशेष कैडर तैयार करने की मंजूरी दी गई थी।
इन पदों पर नियुक्तियों के लिए भर्ती नियम और अन्य सेवा शर्तें पहले ही तैयार कर ली गई हैं। कैबिनेट द्वारा विभागीय सेवा नियमों को दी गई ताजा मंजूरी के साथ अब इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। यह फैसला पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर खोलेगा और साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगा कि बी.बी.एम.बी. में राज्य की बनती भागीदारी पूरी तरह से सुरक्षित और मजबूत रहे।
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