
चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी दे दी। इस परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया। मौजूदा पैन के नंबर को बदले बिना कार्ड एडवांस किए जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नए पैन कार्ड क्यूआर कोड वाले होंगे। इसके लिए पेपरलेन यानी आॅनलाइन प्रोसेस अपनाई जाएगी। PAN card
लोगों को क्यूआर कोड वाले पैन के लिए अलग से खर्च करने की जरूरत नहीं होगी। नए पैन में डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। किसी भी शिकायत के सॉल्यूशन के लिए ग्रेविएंस रेफरल सिस्टम तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि पैन कार्ड को कॉमन बिजनेस आइडेंटिफायर बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीन नए रेलवे प्रोजेक्ट, किसानों के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, युवाओं-छात्रों के लिए ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ और अटल इनोवेशन मिशन 2.0 को मंजूरी को भी मंजूरी दी गई है।
इस बीच, आयकर विभाग को चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट में निर्धारित 22.07 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को पार करने की उम्मीद है। मोदी कैबिनेट की 6 नवंबर की बैठक में पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी गई थी। इसमें हायर एजुकेशन के लिए 7.5 लाख रुपए तक के लोन पर भारत सरकार 75% क्रेडिट गारंटी देगी। 8 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवार के बच्चों को 10 लाख रुपए तक के लोन पर 3% ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। 4.5 लाख रुपए तक की सालाना आय वाले छात्रों को पहले से पूर्ण ब्याज अनुदान मिल रहा है। इस योजना के दायरे में देश के प्रमुख 860 हायर एजुकेशन सेंटर्स के 22 लाख से अधिक छात्र आएंगे।
राज्यों में आपदाओं से निपटने के लिए 1115 करोड़ रुपये मंजूर
केन्द्र सरकार ने विभिन्न राज्यों के लिए आपदा न्यूनीकरण और क्षमता निर्माण परियोजनाओं के लिए 1115.67 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक में इस राशि को मंजूरी दी गई। समिति ने उत्तराखंड के लिए 139 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश के लिए 139 करोड़ रुपये, पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के लिए 378 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र के लिए 100 करोड़ रुपये, कर्नाटक के लिए 72 करोड़ रुपये, केरल के लिए 72 करोड़ रुपए, तमिलनाडु के लिए 50 करोड़ और पश्चिम बंगाल के लिए 50 करोड़ रुपए को मंजÞूरी दी। उच्चस्तरीय समिति ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल डिफेंस के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए 115.67 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली एक अन्य परियोजना को भी मंजूरी दी है।
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