आज कल की युवा पीढ़ी का नशों के प्रति आकर्षित होना समाज के लिए चिंता जनक पहलू है। कई बार देखा गया है कि लोग इसे पहले तो शौंक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं लेकिन फिर इसके आदी हो जाते हैं, और फिर इससे छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है। No Smoking Day हर साल मार्च महीने के दूसरे बुधवार को मनाया जाता है।
एक शोध में पाया गया कि भारत में हर 10वां व्यक्ति किसी न किसी रूप में धूम्रपान करता है। एक अनुमान है कि हर साल तम्बाकू के सेवन से दुनियाभर में लगभग 80 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है।
No Smoking Day: हर साल 80 लाख लोगों को निगल रहा धूम्रपान
आज कल की युवा पीढ़ी का नशों के प्रति आकर्षित होना समाज के लिए चिंता जनक पहलू है। कई बार देखा गया है कि लोग इसे पहले तो शौंक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं लेकिन फिर इसके आदी हो जाते हैं, और फिर इससे छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है। धूम्रपान निषेध दिवस हर साल मार्च महीने के दूसरे बुधवार को मनाया जाता है।
एक शोध में पाया गया कि भारत में हर 10वां व्यक्ति किसी न किसी रूप में धूम्रपान करता है। एक अनुमान है कि हर साल तम्बाकू के सेवन से दुनियाभर में लगभग 80 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है।
2024 की थीम
साल 2024 की थीम ‘बच्चों को तंबाकू प्रोडक्ट्स से बचाना’ है।
धूम्रपान निषेध दिवस का महत्व | No Smoking Day
यह दिन लोगों को धूम्रपान के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने और इसे छोड़ने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण रूप से शुरू किया गया था। धूम्रपान छोड़ने के लिए बेदह सर्म्पण और प्रेरणा की आवश्यकता होती है क्योंकि जो लोग नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं, उनके शरीर को इसकी लत लग जाती है।
नो स्मोकिंग डे का इतिहास
- यह पहली बार साल 1984 में आयरलैंड गणराज्य में मनाया गया था।
- बुधवार के दिन शुरू होने से पहले यह मार्च के पहले बुधवार को मनाया जाने लगा।
- इसके बाद से यूनाइटेड किंगडम समेत कई देशों में यह एक वार्षिक कार्यक्रम की तरह मनाया जाता है।
- दरअसल 1920 दशक के सालों में चिकित्सा रिपोर्ट्स ने धूम्रपान को कैंसर और अन्य बीमारियों के साथ जोड़ा था।
- शोधकर्ताओं के मुताबिक यह मुहिम धूम्रपान छुड़ाने व लोगों में जागरूकता लाने के मामले में कारगर साबित हुई।
कुछ महत्वपूर्ण बिंदू: तम्बाकू की बिक्री पर पाबंदी लगाने वाला प्रथम देश
धूम्रपान को रोकने के लिए सभी देश कुछ न कुछ प्रयास करते रहते हैं लेकिन भूटान में वर्ष 2004 में तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और सभी पब्लिक प्लेसेस पर धूम्रपान को बैन करने वाला विश्व का पहला देश बना।
भारत का प्रथम धूम्रपान मुक्त राज्य | No Smoking Day
हिमाचल प्रदेश को देश का पहला ‘धूम्रपान मुक्त’ राज्य घोषित किया गया और उसने प्रासंगिक मानदंडों पर 85.42 प्रतिशत अनुपालन हासिल कर लिया है।
धूम्रपान मुक्त शहर
- जुलाई 2007 को चंडीगढ़ को धूम्रपान मुक्त शहर घोषित किया गया।
- दावा किया गया कि यह भारत का पहला शहर है, जहां सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध है।
शहर के सभी हिस्सों में केंद्रीय तंबाकू नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के साथ सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
भारत का तम्बाकू मुक्त गाँव
- नगालैंड में ‘गैरीफेमा’ गाँव को वर्ष 2014 में देश का पहला तंबाकू मुक्त गाँव घोषित किया गया।
गाँव के लोगों ने संकल्प लिया कि तंबाकू या शराब पीकर शांति में खलल करने वालों पर दंडस्वरूप 1 हजार रुपए जुर्माना राशि रखी गई।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश | No Smoking Day
सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के संबंध में मई 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि तंबाकू के पैकेट पर 85% सचित्र चेतावनी मानदंड का पालन करना होगा।
ऐसे कहें धूम्रपान को अलविदा
यदि आप धूम्रपान करने के आदि हो चुके हैं तो आपको कुछ इस प्रकार इसे छोड़ने में मदद मिलेगी, इन उपायों को करके निकोटिन की लत से आसानी से मुक्ति मिल जाएगी और आपकी सेहत भी धीरे-धीरे अच्छी होने लगेगी
सर्वप्रथम छोटा प्रयास करें
- कई लोग हमेशा के लिए सिगरेट छोड़ने से पहले कई बार कोशिश करते हैं।
- यदि आप प्रयास करते हैं, तो निराश न हों।
- इस बारे में सोचें कि आपकी पुनरावृत्ति का कारण क्या था, जैसे कि आपकी भावनाएं या आप जिस माहौल में थे।
- इसे छोड़ने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बढ़ाने के अवसर के रूप में उपयोग करें।
अपना कारण खोजें
- प्रेरित होने के लिए, आपको छोड़ने के लिए एक व्यक्तिगत कारण जानने की आवश्यकता है।
- यह आपके परिवार को निष्क्रिय धूम्रपान से बचाने के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
- फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, या अन्य स्थितियाँ होने की संभावना कम करें।
- ऐसा कारण चुनें जो इतना मजबूत हो कि नशा पाने की इच्छा पर भारी पड़े।
डॉक्टर से परामर्श करें | No Smoking Day
कुछ दवाएं हैं जो लालसा और आपकी आदतों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। यह पता लगाने के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें कि स्थानीय रूप से क्या उपलब्ध है और आपके लिए उपयुक्त है। बिना मेडिकल असिस्टेंट के किसी भी तरह की दवा का सेवन न करें।
धूम्रपान से होने वाली परेशानियाँ
- तनाव रहना
- थकान रहना
- भूख न लगना
- सांस लेने में परेशानी
- कैंसर होने का खतरा
- गले से जुड़ी समस्या होना
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