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पंजाब में नशे के खिलाफ जन आंदोलन, 70 हजार तस्कर पहुंचे जेल

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लुधियाना, 2 अगस्त (Punjab Media Team)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह नशा-मुक्त नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि Mass Movement का रूप ले चुका है और इसकी सफलता में आम लोगों, पंजाब पुलिस तथा विलेज डिफेंस कमेटियों के स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रही है।

लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के वॉलंटियरों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के 500 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि राज्य के 13,000 गांवों में लगभग 1.25 लाख वॉलंटियर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और पुलिस का सहयोग करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ इलाज, पुनर्वास और जन जागरूकता पर भी समान रूप से ध्यान दिया है।

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अकाली दल के शासनकाल में पंजाब में नशे का जाल फैला और कांग्रेस ने उसे संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए कठोर कदम उठाए हैं, जिसके परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। उनके अनुसार, जिस पंजाब को कभी ‘उड़दा पंजाब’ कहा जाता था, वह अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।

सरकारी अभियान नहीं, Mass Movement बनी ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम: मुख्यमंत्री मान

भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि राज्य अब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में देश में पहले स्थान पर है। साथ ही सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की नीट परीक्षा में रिकॉर्ड सफलता और मेरिट के आधार पर 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां इस बदलाव का प्रमाण हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर नीट परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में 1,090 आम आदमी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं और जल्द ही इनकी संख्या 1,400 तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है तथा इस योजना के अंतर्गत लोग अब तक 937 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकार खेल और रोजगार पर विशेष जोर दे रही है। राज्य के सभी जिलों में 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण बड़े निवेश पंजाब में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं के हाथों में नशे की सिरिंज नहीं, बल्कि रोजगार का टिफिन देना है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से पंजाब जल्द ही पूरी तरह नशा-मुक्त और विकसित राज्य बनेगा।

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