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मान सरकार सिंचाई के लिए टेलों तक 100 प्रतिशत Canal Water पहुंचाएगी: गोयल

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चंडीगढ़/होशियारपुर, 14 जुलाई: (Punjab Media Team)। पंजाब के जल संसाधन, भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज यहां लगभग 123 करोड़ रुपये की लागत से कंडी नहर के कायाकल्प के बाद विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए घोषणा की कि पंजाब सरकार सिंचाई के लिए Canal Water को टेल तक 100 प्रतिशत पहुंचाना सुनिश्चित करेगी।

ज़िले के गांव दातारपुर में शाह नहर फीडर परियोजना तथा शाह नहर कैनाल सिस्टम एवं घोगरा डिस्ट्रीब्यूटरी से संबंधित परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए मंत्री ने कहा कि कंडी नहर के पुनरुद्धार से होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों के किसानों को सिंचाई की बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से 450 गांवों की लगभग 1.35 लाख एकड़ भूमि सिंचाई के दायरे में आ गई है, जिससे मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने नया इतिहास रचा है।

उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य में 86 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जा रहा है और पानी टेल तक पहुंच रहा है।उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने नहरों और Canal Water की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। पहले केवल 26 प्रतिशत Canal Water का ही उपयोग होता था, जिसके कारण किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

विधायक करमवीर सिंह घुम्मण और विधायक जसबीर सिंह राजा गिल की उपस्थिति में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि शाह नहर के अंतर्गत आने वाली 22 डिस्ट्रीब्यूटरी में से कई की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिसके कारण इन क्षेत्रों के किसान सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे। इस समस्या के समाधान के लिए 78 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इन डिस्ट्रीब्यूटरी और खालों की कंक्रीट लाइनिंग कराई गई, जिससे लगभग 150 गांवों की 60,000 एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने लगी है।

पिछली सरकारों ने नहरों और Canal Water की अनदेखी की: बरिंदर कुमार गोयल


उन्होंने बताया कि कंडी नहर की मुख्य नहर का निर्माण वर्ष 2016 में पूरा हो गया था, लेकिन कई स्थानों पर रिसाव और सीपेज की समस्या के कारण पानी कभी भी पूरी क्षमता से टेल तक नहीं पहुंच सका। इस स्थिति को सुधारने के लिए नहर की कंक्रीट लाइनिंग एवं पुनर्वास परियोजना को मंजूरी दी गई, जिसका कार्य वर्ष 2023-24 में पूरा हो गया। अब नहर में बुरजी 0.0 से 129.035 किलोमीटर तक पानी सुचारु रूप से पहुंच रहा है। इसके अतिरिक्त 35-40 वर्ष पुराने 11 डिस्ट्रीब्यूटरी एवं माइनरों के पुनर्निर्माण का कार्य वर्ष 2025 में पूरा किया गया, जिससे होशियारपुर जिले के मुकेरियां, दसूहा, उड़मुड़ टांडा और शाम चौरासी क्षेत्रों की लगभग 28,300 एकड़ बरानी भूमि को सिंचाई सुविधा मिली है।

उन्होंने बताया कि जिले में डिस्ट्रीब्यूटरी एवं माइनरों की कुल लंबाई लगभग 61 किलोमीटर है। वर्ष 2024-25 में लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत पाइपलाइन आधारित वितरण प्रणाली का कार्य पूरा किया गया, जिससे होशियारपुर जिले के 215 गांवों की लगभग 60,000 एकड़ बरानी भूमि को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है। किसानों की अतिरिक्त मांग को देखते हुए लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत वाली पाइपलाइन विस्तार परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिस पर कार्य जारी है। इसके पूरा होने पर लगभग 8,760 एकड़ क्षेत्र और सिंचाई के दायरे में आएगा। इन सुधारों के बाद होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों के 218 गांवों की लगभग 72,931 एकड़ बरानी भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। वर्तमान में लगभग 450 गांवों की 1.35 लाख एकड़ भूमि को नहरी सिंचाई का लाभ मिल रहा है।\

गांवों की पंचायतों ने टेलों तक पानी पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार का जताया आभार

मंत्री ने बताया कि कंडी नहर के आसपास के ऊंचे क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने और जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई आधारित माइक्रो इरिगेशन योजनाएं लागू की गई हैं। इनके माध्यम से होशियारपुर जिले के 12 गांवों की लगभग 601 एकड़ भूमि तथा ठरोली, मांझी और नारा गांवों की 144 एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। इससे किसानों में अत्यधिक संतोष है तथा फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि कंडी क्षेत्र में भूजल स्तर सुधारने के लिए विभाग ने नहर के निकट बंद पड़े पुराने ट्यूबवेलों को पुनर्जीवित कर उन्हें रिचार्जिंग सिस्टम के रूप में विकसित किया है। लगभग 20 लाख रुपये की लागत से यह परियोजना पूरी की गई। इसके अलावा नहर के किनारे खाली पड़ी भूमि पर 5.16 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय विकसित किए गए हैं। नहर पर 18 नई एस्केप एवं पाइप एस्केप संरचनाएं 4.18 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई हैं, जिनकी सहायता से अतिरिक्त पानी को प्राकृतिक जलधाराओं में छोड़कर भूजल पुनर्भरण किया जा रहा है तथा वर्षा ऋतु में नहर को टूटने से बचाया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि कंडी नहर पर संचालित विभिन्न लिफ्ट सिंचाई एवं माइक्रो इरिगेशन योजनाओं के तहत कुल 2302.5 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से ऊर्जा-कुशल तरीके से नहर का पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है।

पहले केवल 26 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, अब 86 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा है: जल संसाधन मंत्री

डैमों की डी-सिल्टिंग के संबंध में मंत्री ने बताया कि होशियारपुर जिले के छह डैमों में वर्तमान में गाद निकालने का कार्य चल रहा है। इससे उनकी जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी, किसानों को अधिक सिंचाई सुविधा मिलेगी तथा सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
विभिन्न गांवों से आए लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने टेल तक Canal Water पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी यह लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे वर्तमान सरकार ने पूरा कर किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है।

इस अवसर पर चेयरमैन बॉबी कौशल, आशू अरोड़ा, कुलदीप कुमार, सोमा देवी, विक्रांत ज्योति, शिवम तजूला, किशोरी लाल, महंत रमेश्वर, स्पिंका रानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कैप्शन: पंजाब के जल संसाधन, भूमि एवं जल संरक्षण तथा खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल दातारपुर और घोगरा में कंडी नहर से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए।

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