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Increase in Silk Production, किसान आर्थिक रूप से हो रहे हैं सशक्त

Punjab Media

चंडीगढ़, 9 फरवरी
मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व वाली Punjab Government प्रदेश (Increase in Silk Production) में Silk farming को प्रोत्साहित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए Gardening Minister Mohinder Bhagat के निर्देशों के तहत राज्य ने Silk Production में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस पहल का उद्देश्य किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाना और राज्य की आर्थिक संरचना को और अधिक मजबूत करना है।

एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, Kisan Bhavan, Chandigarh में ‘सिल्क मार्क एक्सपो 2024’ का आयोजन किया गया। मंत्री मोहिंदर भगत द्वारा उद्घाटन किए गए इस कार्यक्रम ने रेशम की खेती के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाया और देशभर के कारीगरों और व्यापारियों को एक मंच प्रदान किया। इस अवसर पर मंत्री ने “पंजाब में रेशम की खेती की यात्रा” शीर्षक से एक ब्रोशर भी जारी किया, जिसमें इस क्षेत्र के विकास और उपलब्धियों को दर्शाया गया।

मंत्री मोहिंदर भगत ने रेशम की खेती के माध्यम से ग्रामीण सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में बताते हुए कहा कि सरकारी प्रयासों से पंजाब में कोकून की कीमत 550 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 1,250 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जिससे रेशम की खेती करने वाले किसानों, विशेष रूप से इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित किया जा रहा है।

पंजाब सरकार के प्रयासों से रेशम उद्योग (Increase in Silk Production) हो रहा है विकसित

मंत्री मोहिंदर भगत बताया कि कोकून का वार्षिक उत्पादन 29,000 किलोग्राम तक पहुंच गया है। डलहौजी में रेशमकीट बीज उत्पादन केंद्र की पुनः सक्रियता का उद्देश्य किसानों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और उन्हें कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले रेशमकीट बीज उपलब्ध कराना है।

उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य को स्कॉच नेशनल अवार्ड 2024 में “रेशम की खेती के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास” परियोजना के लिए सिल्वर अवार्ड से सम्मानित किया गया है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास पर इसके सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है। Increase in Silk Production

मंत्री मोहिंदर भगत ने आगे बताया कि पंजाब सरकार जल्द ही एक विशेष “पंजाब सिल्क” ब्रांड लॉन्च करेगी। रेशम रीलींग यूनिटों और कोकून भंडारण सुविधाओं की स्थापना की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। राज्य सरकार की ये पहल रेशम की खेती को बढ़ावा देने, ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने और पंजाब में रेशम उत्पादन के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

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