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लॉटरी विवाद में चन्नी पर बरसे वित्त मंत्री Harpal Cheema

Punjab Media

चंडीगढ़, 3 नवंबर (Punjab Media Team)। पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री Harpal Cheema ने आज यहां राज्य में लॉटरी संचालन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता चरनजीत सिंह चन्नी के हालिया बयानों का कड़ा खंडन करते हुए उनके दावों को निराधार, भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने का हताश प्रयास करार दिया।

विस्तृत तथ्य एवं आंकड़े जारी करते हुए वित्त मंत्री Harpal Cheema ने कहा, “ये आंकड़े पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए गंभीर वित्तीय कुप्रबंधन को उजागर करते हैं, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में हासिल हुई अभूतपूर्व पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि को भी दर्शाते हैं।”

पंजाब में कांग्रेस और ‘आप’ सरकारों के बीच स्पष्ट अंतर प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा, “चरनजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल के दौरान वित्त वर्ष 2021-22 में राज्य की लॉटरी से शुद्ध प्राप्तियां मात्र 19.33 करोड़ रुपये थीं, जबकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का संग्रह 32.77 करोड़ रुपये पर ठहरा हुआ था। इसके विपरीत, भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान शुद्ध प्राप्तियां बढ़कर रिकॉर्ड 70.59 करोड़ रुपये हो गईं। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भी 31 अक्टूबर तक राज्य पहले ही 54.21 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्तियां अर्जित कर चुका है।”

पंजाब में लॉटरी से GST संग्रह तीन गुना बढ़ा: Harpal Cheema

वित्त मंत्री Harpal Cheema ने आगे कहा, “इसके अतिरिक्त, राज्य ने लॉटरी से जीएसटी संग्रह में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है, जो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लगभग तीन गुना हो गया है। यह संग्रह वित्त वर्ष 2021-22 के 32.77 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 93.09 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर 2026 तक जीएसटी संग्रह 59.43 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।”

Harpal Cheema जोर देकर कहा, “यदि लॉटरी से प्राप्त कुल राजस्व पर नजर डालें, जिसमें शुद्ध प्राप्तियां और जीएसटी दोनों शामिल हैं, तो कांग्रेस सरकार वित्त वर्ष 2021-22 में केवल 52.10 करोड़ रुपये ही जुटा सकी थी। इसके बिल्कुल विपरीत, हमारी सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 163.68 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। यह 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।”

कुल राजस्व संग्रह की वर्ष-दर-वर्ष तुलना प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “कांग्रेस शासन के दौरान कुल वार्षिक राजस्व अपेक्षाकृत कम रहा। यह वित्त वर्ष 2017-18 में मात्र 7.47 करोड़ रुपये था, जो 2018-19 में 45.56 करोड़ रुपये, 2019-20 में 38.67 करोड़ रुपये और 2020-21 में 59.87 करोड़ रुपये तक पहुंचा। इसके बाद वित्त वर्ष 2021-22 में घटकर 52.10 करोड़ रुपये रह गया।”

भगवंत मान सरकार में लॉटरी राजस्व लगातार बढ़ा: हरपाल चीमा

उन्होंने बताया, “इसके विपरीत, भगवंत मान सरकार के सत्ता संभालने और व्यवस्था में सुधार करने के बाद राजस्व का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022-23 में 47.47 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ बदलाव के दौर के बाद इसमें तेजी आई। वित्त वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 60.01 करोड़ रुपये, 2024-25 में 103.54 करोड़ रुपये और 2025-26 में ऐतिहासिक रूप से 163.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में केवल अक्टूबर तक ही कुल राजस्व प्राप्तियां 113.64 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी हैं, जो पिछली सरकार द्वारा अपने अंतिम पूरे वित्त वर्ष में जुटाए गए राजस्व से दोगुने से भी अधिक है।”

वित्त मंत्री Harpal Cheema ने पूर्व मुख्यमंत्री को सार्वजनिक बयान देने से पहले तथ्यों की जांच करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “यह बेहद आश्चर्यजनक है कि जिन नेताओं ने वित्तीय ठहराव और व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के दौर का नेतृत्व किया, वे आज उस सरकार पर सवाल उठा रहे हैं जिसने राज्य के राजस्व में लगातार कई गुना वृद्धि दर्ज की है। ‘आप’ सरकार पूरे पंजाब में जनकल्याण और विकास परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य के राजस्व को अधिकतम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

यह दोहराते हुए कि आंकड़े स्वयं अपनी कहानी बयां करते हैं और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार की सच्चाई उजागर करते हैं, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब के लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य का खजाना सुरक्षित और ईमानदार हाथों में है।

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