चंडीगढ़, 19 अगस्त (Punjab Media Team)। मानसून के दौरान मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए पंजाब सरकार ने Dengue Malaria Chikungunya समेत अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की निगरानी, रोकथाम और उपचार को मजबूत किया है। सरकार की रणनीति में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के साथ-साथ लोगों को समय पर जांच और इलाज उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सामुदायिक भागीदारी को इस अभियान का अहम हिस्सा बताया है। राज्य स्तरीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की निगरानी व जांच बढ़ाने तथा घरों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा पानी को हटाने के निर्देश दिए गए।
सरकारी प्रयासों के बीच पंजाब में डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में डेंगू के 23,389 मामले सामने आए थे, जो 2025 में घटकर 4,981 रह गए। इसी अवधि में डेंगू से होने वाली मौतों की संख्या भी 55 से घटकर आठ हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, घर-घर निगरानी अभियान ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई और पिछले संक्रमण सीजन के दौरान करीब 1.5 करोड़ दौरे किए गए।
राज्य में ‘हर शुक्रवार डेंगू ते वार’ अभियान भी जारी है। इसके तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रत्येक शुक्रवार कूलर, गमले, पानी की टंकियों और अन्य कंटेनरों की जांच कर जमा पानी हटाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
पंजाब में Dengue Malaria Chikungunya पर सख्ती, मामलों में बड़ी गिरावट, जांच और रोकथाम तेज
पंजाब ने जांच सुविधाओं का भी विस्तार किया है। राज्य के 47 सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया की मुफ्त एलिसा जांच उपलब्ध है। मलेरिया के रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट और डेंगू जांच सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।
डॉक्टरों ने लगातार बुखार को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है। लगातार बुखार, अत्यधिक कमजोरी, शरीर या जोड़ों में तेज दर्द, बार-बार उल्टी, असामान्य रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई या पानी की कमी जैसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की गई है।
वहीं, मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) बीमारी की स्थिति में पात्र परिवारों के लिए आर्थिक राहत का माध्यम बन रही है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मच्छर जनित बीमारियों से जुड़े 357 उपचारों पर 89.35 लाख रुपये खर्च हुए। इनमें 351 लाभार्थियों को उपचार मिला। सरकार के अनुसार, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मरीजों को इलाज के तत्काल खर्च की चिंता से राहत देकर समय पर चिकित्सा सेवाएं लेने में मदद कर सकती है।
इस तरह पंजाब की रणनीति निगरानी, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने, जांच सुविधाओं के विस्तार और जरूरतमंद मरीजों को समय पर किफायती उपचार उपलब्ध करवाने पर केंद्रित है।
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