
चंडीगढ़, 20 अगस्त (Punjab Media Team)। पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार पर शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 के एक पुराने वीडियो को हाल का बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। बैंस ने कहा कि सच्चाई जानने के लिए उन्होंने खुद फतेहगढ़ साहिब के गांव जल्ला स्थित सरकारी स्कूल का दौरा किया और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाए गए हालात और स्कूल की वर्तमान स्थिति में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि स्कूल में अब दो स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल, छात्राओं के लिए साफ-सुथरे और चालू शौचालय, सैनिटरी पैड इन्सिनरेटर, स्वच्छ पेयजल और वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि स्कूल की सफेदी का लंबित कार्य भी मंजूर हो चुका है और इसके लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। मानसून के बाद यह काम पूरा किया जाएगा।
बैंस ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर यह वीडियो साझा किया था, जिसे बाद में सांसद हरभजन सिंह ने भी आगे पोस्ट किया। मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अधिकारियों को सूचित किए बिना स्वयं स्कूल पहुंचकर जमीनी स्थिति देखने का फैसला किया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों की उपलब्धियों का मूल्यांकन सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र आकलनों से होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 और कक्षा-कक्ष में सीखने के परिणामों में पंजाब देश में अग्रणी रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने यूजी-नीट 2026 परीक्षा उत्तीर्ण की है।
भाजपा के दावे पर Harjot Singh Bains का पलटवार, स्कूल की बदली तस्वीर
बैंस ने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 और नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में सुधार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के 23वें स्थान वाले जिले पटियाला ने हरियाणा के शीर्ष जिले गुरुग्राम से भी अधिक अंक हासिल किए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने कभी यह दावा नहीं किया कि पंजाब का हर सरकारी स्कूल पूरी तरह आदर्श है। उन्होंने बताया कि वह व्यक्तिगत रूप से 2,000 से अधिक स्कूलों का निरीक्षण कर चुके हैं और जहां भी कमियां मिलीं, वहां सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में करीब 20,000 सरकारी स्कूल हैं और इतने बड़े नेटवर्क में सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है।
बैंस ने बताया कि पिछले चार वर्षों में 7,000 से अधिक स्कूल बाढ़ से प्रभावित हुए। इनमें करीब 500 स्कूलों की पुनर्बहाली की जरूरत है और काम शुरू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में किसी भी सरकारी स्कूल में बुनियादी ढांचे से जुड़ी कमी नहीं रहने देना है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन पंजाब और उसके स्कूलों को बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैंस ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर कोई वीडियो साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें और शिक्षा व्यवस्था का आकलन प्रमाणित तथ्यों व आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर करें।
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