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पंजाब के State Goods and Services Tax कलेक्शन में 28.29% की बढ़ोतरी, नया रिकॉर्ड

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चंडीगढ़, 1 नवंबर (Punjab Media Team)। पंजाब सरकार ने अक्टूबर 2026 में State Goods and Services Tax (SGST) के नकद संग्रह में 28.29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान राज्य का SGST नकद संग्रह बढ़कर 1,030.29 करोड़ रुपये हो गया, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 803.07 करोड़ रुपये था। इस तरह राज्य को पिछले साल के मुकाबले 227.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर State Goods and Services Tax संग्रह में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार पंजाब ने अक्टूबर महीने में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का State Goods and Services Tax नकद संग्रह हासिल किया है। वर्ष 2026 में यह दूसरी बार है, जब राज्य ने इस आंकड़े को पार किया है। इससे पहले अप्रैल में लगभग 1,182 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था।

वित्त मंत्री ने बताया कि अक्टूबर 2026 में पंजाब का कुल GST संग्रह 2,716.60 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2,393.22 करोड़ रुपये था। इस प्रकार कुल GST संग्रह में 323.38 करोड़ रुपये यानी लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार पंजाब ने अक्टूबर में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक State Goods and Services Tax नकद संग्रह किया

अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक राज्य का कुल GST संग्रह 18,047.68 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 15,505.66 करोड़ रुपये से 16.39 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान सरकार को 2,542.02 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला। वहीं, वैट और CST का संयुक्त संग्रह भी 23.76 प्रतिशत बढ़कर 763.49 करोड़ रुपये हो गया।

चीमा ने कहा कि राजस्व में इस बढ़ोतरी के पीछे बेहतर निगरानी, तकनीक आधारित जांच और कर अनुपालन में सुधार के प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि आबकारी एवं कर विभाग ने अक्टूबर के दौरान कर चोरी, फर्जी बिलिंग और नियमों के उल्लंघन के मामलों में 111.12 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए हैं।

बालाजी ट्रांसपोर्ट मामले में 20 करोड़ की वसूली

वित्त मंत्री ने लुधियाना की बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़े GST धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि विभाग ने इस मामले में 20 करोड़ रुपये का कर वसूल किया है। जांच में लगभग 62 आपस में जुड़ी फर्मों के बहु-राज्यीय नेटवर्क का पता चला था, जिसमें 400 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित कर चोरी का संदेह था।

उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क में फर्जी चालानों और ई-वे बिलों के जरिए बिना वास्तविक व्यावसायिक लेन-देन के माल के परिवहन का मामला सामने आया। आगे की जांच में चार अन्य ट्रांसपोर्टरों की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई है और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। सरकार का उद्देश्य फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, ई-वे बिल के दुरुपयोग और संगठित कर चोरी पर रोक लगाकर ईमानदार व्यापारियों को पारदर्शी कारोबारी माहौल देना है। उन्होंने कहा कि बढ़ता राजस्व राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन मजबूत करेगा।

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