कई Women Police अधिकारी एंटी-गैंगस्टर ऑपरेशनों का नेतृत्व करती हुईं
मोहाली, 14 अप्रैल (Punjab Media Team)। पंजाब की Women Police अधिकारी महत्त्वपूर्ण ऑपरेशनों का नेतृत्व करते हुए , भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के अपराध और गैंगस्टर-मुक्त पंजाब के निरंतर प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रही हैं व आधुनिक पुलिसिंग की अग्रिम पंक्ति में एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रही हैं। गैंगस्टर विरोधी अभियानों की निगरानी से लेकर समुदाय-केंद्रित पहलों को आगे बढ़ाने तक, ये अधिकारी न केवल आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर रही हैं, बल्कि पुलिस बल में नेतृत्व की अपनी नई परिभाषा भी गढ़ रही हैं।
नेतृत्व पदों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने पंजाब पुलिस को देश की सबसे प्रगतिशील पुलिस बलों में शामिल कर दिया है। महिला अधिकारी ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे प्रमुख अभियानों की निगरानी कर रही हैं। ये अधिकारी न केवल राज्य को अपराध से सुरक्षित कर रही हैं, बल्कि नई पीढ़ी की युवतियों को भी पुलिस सेवा में आने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
पंजाब सरकार के सहयोग से वर्तमान में कुल 79 महिला अधिकारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें स्पेशल डीजीपी से लेकर डीएसपी तक के पद शामिल हैं। पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, इन महिला अधिकारियों में 4 डीजीपी, 1 एडीजीपी, 2 आईजीपी/सीपी, 2 डीआईजी, 18 एसएसपी/एआईजी/कमांडेंट (जिनमें 3 एसएसपी), 23 एसपी, 1 एएसपी और 28 डीएसपी शामिल हैं। कुल 79 में से 5 अधिकारी फील्ड पदों का नेतृत्व कर रही हैं, जहाँ वे ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ जैसे अभियानों की निगरानी और भागीदारी करती हैं। ये अधिकारी अपराध से निपटने में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं और उनके परिवार तथा सहकर्मी उन पर गर्व महसूस करते हैं।
Women Police की महिला अधिकारियों ने पुलिसिंग के मानकों को ऊँचा उठाया
मजबूत शैक्षणिक और प्रशिक्षण पृष्ठभूमि के साथ, महिला पुलिस अधिकारियों ने संचालन और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में अपनी नेतृत्व क्षमता को शीघ्र ही स्थापित किया है। यह किसी से छिपा नहीं है कि पंजाब पुलिस की महिला अधिकारियों ने पुलिसिंग के मानकों को ऊँचा उठाया है। वे न केवल मैदान में सक्रिय हैं, बल्कि तकनीक में दक्ष, अपराध नियंत्रण के प्रति सजग और पंजाब को राष्ट्र के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक बनाने के लक्ष्य के प्रति स्पष्ट हैं।
फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग का आधार लिंग नहीं, बल्कि क्षमता और समन्वय है।महिला अधिकारी संचालन के हर स्तर पर अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा,“मेरे अनुसार पुलिसिंग साहस, क्षमता और प्रतिबद्धता पर आधारित है, न कि लिंग पर। ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ जैसे अभियानों में महिला अधिकारियों ने इन तीनों का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। गैंगस्टर विरोधी अभियान यह दर्शाते हैं कि आधुनिक पुलिसिंग खुफ़िया जानकारी व सामूहिक नेतृत्व पर आधारित है।”
फरीदकोट की एसएसपी ने कहा, “महिला अधिकारी योजना और क्रियान्वयन के चरणों में अग्रिम पंक्ति से नेतृत्व करती हैं। एक विशेष मामले में, एक आदतन अपराधी नेटवर्क को निशाना बनाकर चलाए गए देर रात के ऑपरेशन के दौरान हमारी महिला पीसीआर टीम ने इलाके की महिलाओं से महत्त्वपूर्ण स्थानीय खुफ़िया जानकारी प्राप्त की, जो अक्सर पुरुष टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। उसी जानकारी के आधार पर अगली सुबह सीधे गिरफ्तारियाँ संभव हो सकीं।”
चाहे पुरुष हो या महिला, हर अधिकारी की जिम्मेदारी समान
उन्होंने चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा, “हम साक्ष्य-आधारित पूछताछ करते हैं और मानसिक दबाव में भी शांत रहते हैं, जिससे सफलता मिलती है। सूचना की असमानता और समय की संवेदनशीलता बड़ी चुनौतियाँ हैं। पुलिसिंग में आज विविध नेतृत्व शैली आवश्यक है l महिला अधिकारियों को मुख्यधारा में लाना, उन्हें प्रशिक्षित करना और उन्हें विभिन्न संचालनात्मक भूमिकाओं में तैनात करना संस्थागत परिपक्वता को दर्शाता है।”
एसएसपी ने कहा, “पुलिसिंग अंततः सेवा और जवाबदेही का कार्य है। चाहे पुरुष हो या महिला, हर अधिकारी की जिम्मेदारी समान है। फरीदकोट में मेरा प्रयास एक ऐसा पुलिस बल तैयार करना रहा है, जहाँ प्रत्येक अधिकारी को नेतृत्व करने, योगदान देने और ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने का समान अवसर मिले।”
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