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Punjab Weather Update : ब्यास नदी का बढ़ा जलस्तर, बजी खतरे की घंटी

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23 हजार क्यूसेक से बढ़कर अब 44 हजार तक पहुंचा

  • सरकार द्वारा अभी कोई अलर्ट जारी नहीं

चंडीगढ़। मानसून की बारिश अब आफत बनती नजर आ रही है। हिमाचल प्रदेश में तबाही मचाने के बाद अब मानसून की बारिश ब्यास नदी के साथ मैदानी इलाकों में भी विकराल रूप लेती जा रही है। जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश के बाद ब्यास नदी के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इस सीजन का सबसे ऊंचा जलस्तर माना जा रहा है।

इस मौके पर ब्यास नदी के तट पर मौजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी उमेद सिंह ने बताया कि ब्यास नदी का जलस्तर पहले 23 हजार के करीब था, जो अब 44 हजार क्यूसिक तक पहुंच गया है। इसके साथ ही बादल फटने की घटनाओं के बाद हिमाचल के विभिन्न शहरों में ब्यास नदी में साफ पानी की जगह मलबे से भरा पानी आता दिख रहा है।

पानी की ऐसी स्थिति सामने आने पर विभाग पहले से ही इंतजाम कर रहा है और नदी के किनारों पर मिट्टी से भरी बोरियां भी रख दी गई हैं ताकि किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में मौके से बचा जा सके।

हिमाचल में भारी बारिश से पंजाब में बाढ़ का खतरा

पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश में चार जगहों पर बादल फटे हैं। इसके साथ ही भारी बारिश भी हो रही है और दूसरा पंडोह बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते पंजाब में बाढ़ के वैसे ही हालात बन सकते हैं, जैसे पिछले साल आए थे। पिछले साल घग्गर नदी के पास संगरूर, मानसा और बठिंडा जिलों के गांवों में बाढ़ की आपदा आई थी।

इस बार ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ रहा है। इससे नदी दोआबा और माझे के गांवों के लिए खतरा बन गई है। हालांकि सरकार ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंडोह बांध से हर सेकेंड 82 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पहले हर सेकेंड एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की खबरें थीं। बादल फटने की घटनाओं और भारी बारिश के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार इस समय भारी दबाव में है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू खुद मौके का जायजा ले रहे हैं।

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