Site icon Punjab Media

Mukh Mantri Sehat Yojna बनी स्ट्रोक मरीजों के लिए बड़ी राहत

Mukh Mantri Sehat Yojna proves to be a major relief for stroke patients.
Punjab Media

चंडीगढ़, 15 जुलाई (Punjab Media Team)। पंजाब सरकार की Mukh Mantri Sehat Yojna स्ट्रोक जैसी गंभीर चिकित्सीय आपात स्थितियों में मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में योजना के तहत 914 स्ट्रोक मरीजों का ₹4.15 करोड़ की लागत से कैशलेस उपचार किया गया। इससे अनेक परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत मिली।

स्ट्रोक, जिसे आमतौर पर ब्रेन अटैक कहा जाता है, तब होता है जब मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति रुक जाती है या मस्तिष्क की रक्त वाहिका फट जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है और स्थायी विकलांगता का कारण भी बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली इसके प्रमुख जोखिम कारक हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) भी समय पर उपचार और जोखिम कारकों पर नियंत्रण को स्ट्रोक से होने वाली मौतों और गंभीर जटिलताओं को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका मानते हैं।

Mukh Mantri Sehat Yojna बनी स्ट्रोक मरीजों के लिए जीवनरक्षक सहारा

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के रिकॉर्ड के मुताबिक उपचार किए गए मामलों में एक्यूट इस्कीमिक स्ट्रोक के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। इस श्रेणी के 48 मामलों पर ही ₹14.27 लाख खर्च किए गए। वहीं, हेमरेजिक स्ट्रोक के मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन प्रति मरीज उपचार की लागत अधिक दर्ज की गई। कुल खर्च का बड़ा हिस्सा सीटी स्कैन, एमआरआई, गहन चिकित्सा, ट्रेकियोस्टॉमी और रक्त चढ़ाने जैसी उन्नत चिकित्सा सेवाओं पर हुआ।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मरीज आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक जैसी आपात स्थिति में हर मिनट कीमती होता है और समय पर मिलने वाला कैशलेस उपचार मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

लुधियाना के सोबती न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं मोहंदाई ओसवाल हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. हरमन सोबती ने बताया कि आधुनिक इमेजिंग तकनीकों, गहन निगरानी और समय पर उपचार से स्ट्रोक मरीजों के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने लोगों से चेहरे का टेढ़ा होना, शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी या बोलने में कठिनाई जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की।

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नियंत्रित रखने, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार तथा धूम्रपान से दूरी बनाकर स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में Mukh Mantri Sehat Yojna न केवल इलाज का आर्थिक सहारा बन रही है, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य आपात स्थितियों में हजारों परिवारों के लिए सुरक्षा कवच भी साबित हो रही है।

यह भी पढ़े :- Bharat Tex 2026 में CM मान ने पंजाब को बताया निवेशकों की पहली पसंद


Punjab Media
Exit mobile version