आज भारत देश सहित पूरे विश्व में मेडिकल केयर की दुनिया में हर तरह की जांच में दक्ष तमाम दूसरे तकनीशियन की तरह ब्लड बैंक तकनीशियन की भी भारत देश सहित काफी जरूरत देखी जा रही है। इस बढ़ती जरूरत के पीछे मुख्य वजह यह है कि ब्लड बैंक तकनीशियन आमतौर पर Phlebotomy के रूप में प्रशिक्षित दिए जाते हैं जो मरीजों के ब्लड को इकट्ठा करने और लेबलिंग करने में कुशल होते हैं।
ऐसे पेशेवर आमतौर पर मेडिकल प्रयोगशालाओं और ब्लड बैंक में काम करते हैं। जहां ये डोनर से ब्लड कलेक्ट करके उसे स्टोर करते हैं। इसके अलावा ब्लड का टाइप और कलेक्ट किया ब्लड सुरक्षित है कि नहीं, इसके लिए ब्लड में स्वस्थ अणुओं के स्तर का भी परीक्षण करते हैं। ब्लड बैंक प्रौद्योगिकी क्लिनिकल लैब प्रौद्योगिकी का ही एक फील्ड है।
ब्लड बैंक तकनीशियनका कोर्स नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन के तहत आता है। इस कोर्स को करके आप अपना एक अच्छे से अच्छा भविष्य तो बना ही सकते हैं साथ ही देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मिशन कौशल भारत, कुशल भारत में भी अपना बेहतर योगदान दे सकते हैं।
ब्लड बैंक में Phlebotomy की भूमिका महत्वपूर्ण
- भारत देश सहित विश्व के किसी भी ब्लड बैंक में फ्लेबोटोमिस्ट की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है।
- इनका काम मरीजों के ब्लड सैम्पल को एकत्र करना और उसकी लेबलिंग करना होता है।
- इसके अलावा फ्लेबोटोमिस्ट ब्लड डोनर से ब्लड एकत्र कर उसे स्टोर करना भी होता है।
- इन्हें इस चीज की जांच भी करनी होती है कि एकत्रित किया गया ब्लड सैंपल का ग्रुप कोनसा है और वो वह कितना और कब तक सेफ है।
- इसी आधार पर खून की लेबलिंग की जाती है।
कोर्स एवं योग्यता | Phlebotomy
डीपीएमआई की प्रिंसिपल अरूणा सिंह के मुताबिक डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स इन फ्लेबोटोमी टेक्नोलॉजी के लिए अभ्यर्थी का साइंस साइड से किसी भी मान्यताप्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है। इन कोर्स के दौरान अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग में काफी तरीके से खासा ध्यान रखा जाता है, जिसमे उन्हें हर तरह के ब्लड सैंपल्स की जांच अच्छे से करना सिखाई व बताई जाती है और इसके अलावा ब्लड में मौजूद हर एक जरूरी तत्व को बड़े ही तरीके के अनुसार समझाया जाता है, उसके बाद तनकीनी फैस्लिटी से भरपूर लैब्स में भी प्रशिक्षण कराया जाता है।
साथ ही कोर्स के दौरान आपातकालीन स्थिति या किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में किस तरह से निपटा जाए और कैसे उस स्तिथि में काबू पाया जाए वह भी सिखाया जाता है। मेडिकल की इस फील्ड में आप एसएससी के द्वारा भी परीक्षा देकर किसी भी सरकारी पद के लिए आवेदन कर सकते है।
स्किल्स रिक्वायर्ड
एक फ्लेबोटोमिस्ट या फ्लेबोटोमी तकनीशियन को अपने काम के अलावा कुछ जरुरी स्किल्स का भी ज्ञान होना चाहिये जैसे कंप्यूटर और डाटा एंट्री की समझ होनी बेहद जरूरी है। सभी चीजों की बारीकी से समझ जैसे जांच में होने वाली सभी तकनीकियों की समझ, इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन स्किल्स, आंख और हाथों का कोआर्डिनेशन जैसी अन्य खूबियां एक फ्लेबोटोमिस्ट में होनी अनिवार्य होती हैं। जिससे वह अपने काम को और अच्छे से परफॉर्म कर पता है और बेहतर रिजल्ट्स देता है।
करियर के अवसर
- इस कोर्स में डिप्लोमा लेने के बाद हर राज्य में सरकारी व गैर सरकारी विभाग में नौकरी के कई अवसर हैं।
- यह कोर्स करके प्राइवेट हास्पिटल्स या प्राइवेट लैब में भी काम करके अपना करिअर आगे बढ़ा सकते हैं।
- वर्तमान समय की अगर बात की जाए तो मेडिकल लैब की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- बड़ी-बड़ी कंपनियां इन दिनों हर एक शहर में अपने लैब खोल रही हैं, जिनके ब्लड बैंक डिपार्टमेंट में ऐसे प्रोफेशनल्स की खास डिमांड रहती है।
- सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक्स में भी नौकरी पा सकते हैं।
प्रमुख संस्थान | Phlebotomy
- दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली
- इंडियन मेडिकल इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग, जालंधर, पंजाब
- महर्षि मर्केंडेश्वर यूनिवर्सिटी, अंबाला, हरियाणा
- शिवालिक इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल टेक्नोलाजी, चंडीगढ़
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