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जसपाल सिंह उर्फ शालू की हत्या का मामला: हत्या का मास्टरमाइंड दुबई भागते समय एयरपोर्ट से काबू

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चंडीगढ़। पंजाब में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सनसनीखेज भोगपुर हत्याकांड के मास्टरमाइंड और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। एक महीने तक चली गहन जांच के बाद मुख्य आरोपी को दुबई भागने की कोशिश करते हुए चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कुमार उर्फ अरु (मास्टरमाइंड) पुत्र सतीश कुमार निवासी गुरु नानक नगर, भोगपुर, मनदीप कुमार उर्फ मनी पुत्र राज कुमार निवासी गुरु नानक नगर, भोगपुर और रंजीत कुमार उर्फ काका बैया निवासी नवी आबादी, भोगपुर के रूप में हुई है। Jaspal Singh alias Shalu murder case

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरकमल प्रीत सिंह खख ने गुरुवार को बताया कि 22 सितंबर को मोगा गेट, भोगपुर के पास जसपाल सिंह उर्फ शालू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शालू के सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं। त्वरित कार्रवाई करते हुए एसपी (जांच) जसरूप कौर बाठ, आईपीएस, और डीएसपी कुलवंत सिंह, पीपीएस और इंस्पेक्टर सिकंदर सिंह विर्क, एसएचओ भोगपुर के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गई। इंस्पेक्टर सिकंदर सिंह विर्क ने आरोपी को एयरपोर्ट पर दबोचने से पहले कई जगहों पर छापेमारी की।

एसएसपी ने कहा कि हमने सभी एयरपोर्ट पर एलओसी जारी कर दी थी और अपने खुफिया नेटवर्क के जरिये हमें उसके विदेश भागने की कोशिश के बारे में पता चला। पुलिस टीम ने हत्या के हथियार सहित तीन 32 बोर की पिस्तौलें और 6 कारतूस भी बरामद किए। अपराध में इस्तेमाल की गई बाईक सौरवदीप सिंह उर्फ सौरव नामक एक व्यक्ति से बरामद की गई, जो हत्या के बाद से सबूत छुपा रहा था। आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा, पुलिस हथियार आपूर्ति नेटवर्क और अन्य व्यक्तियों की संभावित संलिप्तता की आगे की जांच के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग कर रही है।

पुलिस जांच में हुआ खुलासा, हत्या वाले दिन पीड़ित का किया पीछा

पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि कई पूर्व टकरावों से उपजी निजी दुश्मनी के कारण हत्या की गई। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने हत्या वाले दिन पीड़ित का पीछा किया था और आखिरकार रात में अपनी योजना को अंजाम दिया। इससे पहले पुलिस टीम ने तीन साथियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें रवि कुमार उर्फ रवि, पुत्र राम किशन, निवासी गेहलरा, गुरजीत सिंह उर्फ गुरजी, पुत्र गुरदेव सिंह, निवासी बिनपालके और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, पुत्र जगदीश सिंह के नाम शामिल हैं।

पुलिस ने उनके कब्जे से एक 32 बोर की पिस्तौल और एक 315 बोर की देसी पिस्तौल बरामद की। पूछताछ के दौरान, इन आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने रंजीत कुमार नामक एक प्रवासी जो बिहार के मुजफ़्फरनगर में रहता है, से हथियार खरीदे थे, जो अंतरराज्यीय हथियार आपूर्ति नेटवर्क चला रहा था। तेजी से कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने रंजीत कुमार को पकड़ लिया, जिसने बाद में पंजाब भर में 40,000 से 60,000 प्रति पिस्तौल की कीमतों पर हथियारों की आपूर्ति करने की बात कबूल की।

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