
चंडीगढ़, 6 सितंबर:
राज्यसभा सदस्य Sanjay Singh ने कैबिनेट Minister Lal Chand Kataruchak के साथ (Flood Crisis) बाढ़ राहत कार्यों का निरीक्षण किया और कथलौर, कोलियां रोड, पिंड पंमा और बमियाल का दौरा किया। उन्होंने रावी नदी पर बनाए जा रहे अस्थायी बांध का भी जायजा लिया। केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए श्री संजय सिंह ने कहा कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पत्र लिखकर की गई अपीलों के बावजूद भी भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य के लिए कोई वित्तीय पैकेज का ऐलान नहीं किया। हालाँकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास अफगानिस्तान को सहायता भेजने के लिए समय है पर उनके पास पंजाब के लिए कोई समय नहीं है।
नंगल में प्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर के नुकसान हुए हिस्से को बचाने के लिए पिछले 2 दिनों से शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के प्रयासों से प्रेरित होकर अब इलाके के निवासी, ‘आप’ स्वयंसेवक और तकनीकी विशेषज्ञ मिलकर इस नेक कार्य में हिस्सा ले रहे हैं। बड़ी अत्याधुनिक मशीनरी और नावों की मदद से सतलज के किनारे इस धार्मिक स्थान को मजबूत करने के लिए रेत और बजरी से भरे बड़े थैलों का उपयोग किया जा रहा है। इस धार्मिक स्थान को स्थायी रूप से बचाने के लिए 1.27 करोड़ रुपये की राशि की आवश्यकता होगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैबिनेट मंत्री मानवता के रक्षक के रूप में उभरे
इस दौरान राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने ससराली और अन्य साथ लगते गांवों में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक सूखा राशन और अन्य राहत सामग्री से भरे तीन ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है और खाद्य सामग्री, दवाइयाँ, कपड़े और अन्य जरूरी सामान की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऐसी खेपें नियमित रूप से भेजी जा रही हैं।
ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने फाजिल्का के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री वितरण के तीसरे चरण की शुरुआत की। उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब हमेशा आवश्यकता पड़ने पर देश के लिए खड़ा रहा है लेकिन अब जब राज्य को स्वयं सहायता की आवश्यकता है तो केंद्र सरकार इसकी सहायता करने से झिझक रही है और इससे सौतेली मां की तरह व्यवहार कर रही है। Flood Crisis
राहत सामग्री वितरण के बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री सौंद ने बताया कि अब तक फाजिल्का जिले में जरूरतमंद लोगों को 8599 राशन किटें वितरित की जा चुकी हैं। मंत्री ने आगे कहा कि जहाँ दूध देने वाले पशुओं के लिए 5000 थैले चारे की आपूर्ति की जा चुकी है, वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पंजाब सरकार द्वारा 3715 तिरपाल भी उपलब्ध करवाई गई हैं। Flood Crisis
Flood Crisis: नंगल में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, पठानकोट में लाल चंद कटारूचक, फाजिल्का में तरुनप्रीत सिंह सौंद और ससराली में हरदीप सिंह मुंडियां ने संभाली कमान
स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मंत्री ने जानकारी दी कि पशु चिकित्सा विभाग की 28 टीमें तथा जिले भर में 38 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक राहत सामग्री की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित गांवों में 3 तहसीलदार, 2 नायब तहसीलदार, 3 बीडीपीओ, 58 पटवारी, 5 कानूनगो, 10 फूड सप्लाई अधिकारी और 25 अन्य अधिकारी तैनात किए गए हैं।
इस दौरान पटियाला डिविजनल कमिश्नर विनय बुबलानी ने शनिवार सुबह बाढ़ से बचाव के लिए चल रहे प्रयासों का जायजा लेने हेतु ससराली कॉलोनी में धुसी बांध का दौरा किया।
सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) लुधियाना पूर्वी जसलीन कौर भुल्लर और अन्य अधिकारियों के साथ डिविजनल कमिश्नर ने भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), लोक निर्माण विभाग (पी डब्ल्यू डी), ड्रेनेज विभाग, स्थानीय सामाजिक संगठनों और सैकड़ों गांववासियों के सहयोग से किए जा रहे नए रिंग बांध के निर्माण का निरीक्षण किया। इस दौरे के दौरान श्री बुबलानी ने बांध के निकट फसलों को हुए नुकसान की सीमा का मूल्यांकन करने हेतु माल, जंगलात और ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श भी किया।
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