
दलित और मेहनतकश का मजाक उड़ाने पर कांग्रेस के खिलाफ किया गया प्रदर्शन
चंडीगढ़ 9 फरवरी । आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों,विधायकों, चेयरमैन व कार्यकर्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग द्वारा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के खिलाफ की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में बाजवा के आवास के बाहर ‘बैंड-बाजे’ के साथ प्रदर्शन किया।
इस दौरान मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, उनकी पत्नी सुरेंदर कौर के साथ वित्त मंत्री हरपाल चीमा, सेहत मंत्री डॉ बलबीर, मोहिंदर भगत, डॉ रवजोत, विधायक शैरी कलसी, कुलजीत रंधावा, इंद्रवीर सिंह निज्जर, नीना मित्तल, लाभ सिंह उगोके, चेतन जोड़ेमाजरा, इंदरजीत कौर,चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट,सनी सिंह अहलूवालिया समेत सैकड़ों नेता व वर्कर मौजूद थे।
इसके इलावा आप नेता जोबन रंधावा के नेतृत्व में कादियां (गुरदासपुर) में भी प्रताप बाजवा के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
बाजवा को निशाना साधते हुए कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि मेहनत की कमाई का मजाक उड़ाना शर्मनाक है। किसी के पिता द्वारा ईमानदारी से किए गए काम का मजाक उड़ाना और पूरी कम्युनिटी को नीचा दिखाना, इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि मेरे पिता एक ‘बैंड मास्टर’ थे, उन्होंने कड़ी मेहनत से हमें पढ़ाया। मैं सरकारी स्कूल में पढ़कर और अपनी काबिलियत के दम पर यहाँ पहुँचा हूँ। बाजवा साहब कह रहे हैं कि ‘बैंड बजाने वाले के बेटे का बैंड बजा देंगे’। हमने मेहनत की है, कोई स्मगलिंग या सोने के बिस्कुट की तस्करी नहीं की। यह अपमान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि हर उस गरीब वर्ग का है जो पसीने की कमाई से अपने बच्चों को पढ़ाता है।
कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि बाजवा की नजर में दलित समाज सिर्फ एक ‘मटेरियल’ है जिसे वोटो के लिए खरीदा और बेचा जा सकता है। मंत्री ने कहा कि इन्होंने विधानसभा में कहा कि ‘पता नहीं यह मटेरियल कहाँ से आ गया’। इनके लिए एक मोबाइल रिपेयर करने वाला या एक गरीब का बच्चा विधायक नहीं बन सकता। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में सबको बराबरी दी है, लेकिन कांग्रेस की सामंतवादी सोच आज भी वही है। राजा वड़िंग और बाजवा जैसे लोग खुद को राजा समझते हैं और इन्हें यह हजम नहीं हो रहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की कैबिनेट में 6 दलित मंत्री आम घरों से उठकर शानदार काम कर रहे हैं।
राजा वड़िंग पर निशाना साधते हुए ईटीओ ने कहा की एक तरफ ये लोग लॉ एंड ऑर्डर की बात करते हैं और दूसरी तरफ एक रैली में 1200 लोगों के सामने खुलेआम कह रहे हैं कि ‘ईटीओ की गर्दन मरोड़ दो, सिर्फ 3 मिनट लगते हैं’। क्या यह जंगल राज नहीं है? आप अपने वर्करों को एक चुने हुए नुमाइंदे पर हमला करने के लिए उकसा रहे हैं ताकि कोई गरीब का बच्चा दोबारा राजनीति में आने की हिम्मत न करे। हम इस गुंडागर्दी और चुनौती को स्वीकार करते हैं।
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