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शंभू बॉर्डर पर ASI की मौत

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किसानों के दिल्ली कूच एलान को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा | Kisan Andolan

शंभू बॉर्डर पर तैनात एएसआई की मौत हो गई है। उनके शव को अंबाला के नागरिक अस्पताल में रखा गया है। केंद्र सरकार की ओर से मसूर, उड़द, अरहर (तूर), मक्की और कपास की फसल पर अनुबंध की शर्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी का प्रस्ताव किसानों ने नामंजूर कर दिया है। Kisan Andolan किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता जारी रखेंगे। 21 फरवरी की सुबह 11 बजे दिल्ली कूच किया जाएगा।

किसानों के आंदोलन के कारण दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे 44 बंद है। मारकंडा नदी पुल के पास सील किए गए हाईवे पर ढील देने की बजाए सुरक्षा के बंदोबस्त और बढ़ा दिए गए हैं। सरकार के साथ चली किसानों की बैठक में भी कुछ खास सकारात्मक परिणाम न मिलने के चलते सुरक्षा बलों के जवान और अलर्ट हो गए हैं। ऐसे में दिन भर राहगीरों और वाहन चालकों को आसपास के गांवों से निकलने वाले रास्तों से ही जाना पड़ा।

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हाईवे बंद होने से जहां राहगीरों को अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए डायवर्ट किए रूटों पर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है वहीं हाईवे के आसपास होटल व ढाबों व अन्य छोटी दुकानों पर कामकाज ठप हो गया है। इससे उनके सामाने रोजी-रोटी चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

लोगों को झेलनी पड़ रही है भारी परेशानी | Kisan Andolan

जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे पर ही नौ गजा पीर पर पूजा अर्चना करने वाले लोगों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हाईवे बंद होने से बड़े स्तर पर सब्जी व दुग्ध विक्रेताओं को नुकसान हुआ है। वहीं आसपास के शहरी व ग्रामीण एरिया में भी ये सामान पहुंचाना मुश्किल हो गया है।

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वरिष्ठ किसान नेता लखविंद्र सिंह ने कहा कि बैठक में समझौता न होने से एक बार फिर यह जाहिर हो गया है कि सरकार के मन में खोट है। वह किसानों की मांगों को पूरा करने के मूड में नहीं है, जिसके चलते किसानों ने भी अंदर खाने दिल्ली कूच के लिए बड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यदि 21 फरवरी को भी सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया तो फिर किसान सरकार की ओर से बॉर्डरों पर की गई सुरक्षा को धता बताते उन्हें उखाड़ फेंकेंगे और दिल्ली कूच करके ही दम लेंगे।

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