संगरूर, 5 अक्टूबर (Punjab Media Team)। पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष Aman Arora ने सोमवार को कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी और उसके हाईकमान के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने पंजाब में अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी करके विभिन्न गुटों के बीच समझौतों पर आधारित नेतृत्व थोपा है। इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता निराश हैं और उनका पार्टी नेतृत्व से मोहभंग हो रहा है।
यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए Aman Arora ने अपनी ओर से और आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह को शुभकामनाएं दीं। परगट सिंह को अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी, ओलंपियन, पूर्व पुलिस अधिकारी और तीन बार के विधायक बताते हुए Aman Arora ने कहा कि खेल के मैदान में टीम का नेतृत्व करने का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को अब पंजाब में कांग्रेस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा, “परगट सिंह ने हॉकी के मैदान में टीम का नेतृत्व किया है और अब उन्हें पंजाब में कांग्रेस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि, उनकी नियुक्ति के बाद के घटनाक्रम कांग्रेस की आंतरिक अस्थिरता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।”
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का उल्लेख करते हुए Aman Arora ने कहा, “अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुश्किल समय में कांग्रेस की कमान संभाली और साढ़े चार साल तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम किया। लेकिन भूपेश बघेल की जगह कांग्रेस के पंजाब प्रभारी बने सचिन पायलट ने पंजाब के महज दो घंटे के दौरे के दौरान ही उन्हें हटाने का फैसला कर लिया।
परगट सिंह को राहुल गांधी से मुलाकात का समय नहीं मिला- Aman Arora
Aman Arora ने आगे कहा कि परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन राहुल गांधी ने अब तक उन्हें मिलने का समय नहीं दिया है। उन्होंने कहा, “परगट सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से शिष्टाचार भेंट की है। लेकिन जब अपनी ही पार्टी की प्रदेश इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष को केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात का समय नहीं मिलता, तो यह पंजाब के प्रति कांग्रेस हाईकमान के रवैये पर सवाल खड़े करता है।”
संगरूर और मालवा क्षेत्र के प्रतिनिधित्व के बारे में बात करते हुए Aman Arora ने कहा, “भले ही विजय इंदर सिंगला विपक्षी पार्टी से संबंधित हैं, फिर भी संगरूर और मालवा के लोगों को उम्मीद थी कि उनके क्षेत्र के किसी नेता को प्रदेश इकाई का नेतृत्व करने का अवसर दिया जाएगा। उनके नाम की लंबे समय से चर्चा चल रही थी और अंतिम समय में उनकी अनदेखी करना संगरूर और मालवा के लोगों की उम्मीदों के साथ विश्वासघात करने के बराबर है।”
उन्होंने कहा कि केवल अगले कुछ महीने निकालने के उद्देश्य से दो गुटों के बीच किया गया अस्थायी समझौता किसी राजनीतिक पार्टी को स्पष्ट दिशा नहीं दे सकता। उन्होंने कहा, “नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद जिस उत्साह की उम्मीद थी, उसकी जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खामोशी छाई हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे की सोशल मीडिया पोस्ट और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के अपने परिवार के साथ लंदन जाने की खबरें दर्शाती हैं कि कांग्रेस का आंतरिक कलह अब सार्वजनिक हो रहा है।”
अमन अरोड़ा ने नशे के खिलाफ पंजाब सरकार का रुख स्पष्ट बताया
नशे से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं और आत्महत्या के मामलों पर सवालों का जवाब देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का नशे के खिलाफ रुख स्पष्ट और दृढ़ है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार, पुलिस और लोगों को मिलकर काम करना होगा। नशे के खिलाफ लड़ाई सरकार अकेले नहीं जीत सकती। इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।”
उन्होंने बताया कि पंजाब भर में लगभग 15,000 ग्राम रक्षा समितियां और वार्ड रक्षा समितियां जमीनी स्तर पर नशे के खिलाफ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, “सरपंच और समितियों के सदस्य नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करके इस अभियान में अहम योगदान दे रहे हैं। उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे जमीनी स्तर पर लोगों से सीधे जुड़े हुए हैं।”
नशे के खिलाफ लड़ने वालों को विरोध और धमकियों का सामना: अमन अरोड़ा
अमन अरोड़ा ने कहा कि नशे के खिलाफ सक्रिय रूप से काम करने वाले लोगों को कई बार विरोध और धमकियों का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “गांव और वार्ड स्तर पर नशे के खिलाफ डटकर खड़े होने वालों को कई बार विरोध और धमकियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सरपंचों और इन समितियों के सदस्यों का मनोबल बढ़ाना तथा उन्हें लोगों का पूरा सहयोग मिलना सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है।”
पंजाब के लोगों से अपने गांवों और वार्डों को नशे से बचाने के लिए आगे आने की अपील करते हुए अमन अरोड़ा ने उनसे पुलिस और संबंधित ग्राम एवं वार्ड रक्षा समितियों के साथ सहयोग करने को कहा। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार ने नशे को जड़ से खत्म करने का रास्ता चुना है। मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, पुलिस, सरपंच और समितियों के सदस्य इस अभियान में मिलकर काम कर रहे हैं। लोगों की एकजुटता और जमीनी स्तर पर सक्रिय भागीदारी से ही पंजाब को नशे के अभिशाप से मुक्त किया जा सकता है।”
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