PUNJAB

Rural Employment Scheme में बदलाव पर हरपाल चीमा ने उठाए सवाल

Punjab Media

चंडीगढ़, 26 सितंबर (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने शनिवार को Rural Employment Scheme में बड़े बदलाव करके देश के गरीबों, दलितों और मजदूरों के लिए रोजगार के अवसरों को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर करने के लिए भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ताजा आंकड़ों ने उन आशंकाओं को सही साबित कर दिया है जो ‘आप’ द्वारा उठाई गई थीं, जब इस योजना का नाम बदलकर वीबी-जीराम-जी रखा गया था।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ आप नेता और वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने कहा, “भाजपा ने बार-बार दावा किया था कि सिर्फ योजना का नाम बदला गया है और बाकी सब कुछ पहले जैसा ही है। हालांकि, योजना के अंदर कई ऐसे अंग बदल दिए गए हैं जो रोजगार पैदा करते थे। अब हकीकत लोगों के सामने है। भाजपा सरकार ने इस देश के गरीबों और मजदूरों के रोजगार पर करारी चोट मारी है।”

ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया, “पिछले साल के मुकाबले इस योजना के जरिए लगभग 9.56 करोड़ कम दिहाड़ी का रोजगार पैदा हुआ है। जबकि पिछले साल लगभग 30 करोड़ दिहाड़ी पैदा हुई थी, इस साल यह आंकड़ा घटकर लगभग 20.4 करोड़ रह गया है, जो कि ग्रामीण मजदूरों के लिए उपलब्ध रोजगार में एक बड़ी गिरावट को दर्शाता है।”

Rural Employment Scheme में बदलाव पर चीमा का केंद्र पर हमला, गरीबों-दलितों के अवसर प्रभावित होने का दावा

कैबिनेट मंत्री Harpal Singh Cheema ने इस बात पर जोर दिया, “इसका असर खासकर दलित और पिछड़े वर्गों पर बहुत ज्यादा पड़ा है। इस योजना के अंतर्गत आने वाले लगभग 87% मजदूर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों से संबंधित हैं और भाजपा सरकार के बदलाव ने इन समुदायों को और हाशिए पर धकेल दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा दलित विरोधी है और उनसे नफरत करती है। भाजपा सरकार ने सबसे गरीब लोगों की रोजी-रोटी और दिहाड़ी पर सबसे बड़ा वार किया है। इससे साफ होता है कि भाजपा गरीबों और दलितों को रोजगार से दूर कर रही है।”

Harpal Singh Cheema ने आगे कहा, “भाजपा इस योजना के तहत रोजगार बढ़ाकर 125 दिन करने का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन काम के मौके बढ़ाने की बजाय सरकार ने मजदूरों के लिए उपलब्ध दिहाड़ी की संख्या घटा दी है।”

हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया, “ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि भाजपा सरकार दलितों, गरीबों और मजदूरों को रोजगार से वंचित कर रही है। उन्होंने योजना का नाम बदला, लेकिन साथ ही इसके अंगों को भी बदल दिया और इससे मिलने वाले रोजगार को कमजोर कर दिया। भाजपा सरकार ने अपने कामों के जरिए दिखा दिया है कि वह देश के गरीबों, दलितों और मजदूरों के हितों के खिलाफ काम कर रही है।”

यह भी पढ़े :- Sri Guru Granth Sahib Ji सत्कार एक्ट पर 27 सितंबर को अहम बैठक


Punjab Media

Punjab Media

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

Related Articles

Back to top button