चंडीगढ़, 17 सितंबर (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और Nasha Mukti Morcha के मुख्य प्रवक्ता, बलतेज पन्नू ने गुरुवार को भाजपा की ‘Nasha Mukti Punjab Yatra’ पर तीखा हमला किया और इसे एक राजनीतिक नौटंकी बताया। उन्होंने 2007-17 के दौरान पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाया, जब पंजाब में भाजपा के सत्ताधारी पार्टनर के तौर पर ‘चिट्टा’ उभरा और पूरे राज्य में फैल गया। पन्नू ने सवाल किया कि भाजपा तब कोई नशा विरोधी मुहिम चलाने में क्यों असफल रही, जब जांच में नाम सामने आ रहे थे तथा अधिकारी निरंजन सिंह का तबादला किया गया था, तो ईडी की जांच क्यों रोकी गई, भाजपा अब अपने पड़ोसी राज्य हरियाणा सहित नशा प्रभावित राज्यों पर चुप रह कर चुनिंदा रूप से पंजाब को ही क्यों निशाना बना रही
आप पंजाब मीडिया इंचार्ज ने कहा कि पंजाब के सभी संवेदनशील जिले बीएसएफ के अंडर बॉर्डर जिले हैं और इस मुद्दे का इस्तेमाल पंजाब को बदनाम करने के बजाय, भाजपा को यह साफ करना चाहिए कि वह राज्य में नशों की एंट्री रोकने के लिए क्या कर रही है। पन्नू ने कहा कि ज़मीनी हकीकत पंजाब के बढ़ते खेलों कल्चर में दिख रही है, जहां बठिंडा रन में 25,000 से ज़्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया और पूरे राज्य में 3,100 प्लेग्राउंड बनाए गए हैं, जिनमें से लगभग 750 पहले ही जनता को समर्पित किए जा चुके हैं।
भाजपा की ‘Nasha Mukti Punjab Yatra’ पर AAP का सवाल, सत्ता में रहते क्यों नहीं उठाई मुहिम?
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा, “नशों के खिलाफ हर कोशिश का स्वागत है, लेकिन भाजपा को पहले अपने रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए। भाजपा 2007 से 2017 तक पंजाब सरकार में भागीदार थी, यह वह समय था जब पंजाब में ‘चिट्टे’ का संकट उभरा और फैला। आज वही भाजपा ‘Nasha Mukti Punjab Yatra’ निकाल रही है। जब भाजपा खुद सरकार में थी, तो उसने नशों के खिलाफ कोई यात्रा, मुहिम या लगातार दबाव क्यों नहीं बनाया?”
उन्होंने कहा, “पंजाब के जिन संवेदनशील जिलों को इस मामले में उजागर किया जा रहा है, वे सभी बॉर्डर वाले जिले हैं। ये जिले बीएसएफ के अंडर आते हैं, जो सीधे केंद्र सरकार के अंडर है। भाजपा को जवाब देना चाहिए कि वह बॉर्डर पार से पंजाब में नशों की एंट्री रोकने के लिए क्या कर रही है। राजनीतिक बातें करने के बजाय, भाजपा यह क्यों नहीं बताती कि केंद्र सरकार और बीएसएफ बॉर्डर पार से नशों की स्मगलिंग रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं?” Nasha Mukti Punjab Yatra
बलतेज पन्नू ने कहा, “2022 में सत्ता में आने के बाद, मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली आप सरकार ने सिस्टमैटिक ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ शुरू की। पंजाब पुलिस लगातार नशे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और पंजाब गवर्नमेंट, खासकर बॉर्डर पार से होने वाली नशों की तस्करी को रोकने के लिए बीएसएफ के साथ मिलकर काम कर रही है। पंजाब ने अपना एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाया है और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई ले रहा है।”
बलतेज पन्नू बोले- राजनीतिक मुहिम नहीं, नशों के खिलाफ चाहिए ठोस कार्रवाई
आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “भगवंत मान सरकार नशों की समस्या से ज़मीनी स्तर पर लड़ रही है। भाजपा को इस लगातार कार्रवाई की तुलना 2007 से 2017 के बीच हुए डेवलपमेंट से करनी चाहिए, जब वह खुद पंजाब सरकार में भागीदार थी। राजनीतिक मुहिम नशों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का विकल्प नहीं हो सकते।”
उन्होंने कहा, “पंजाब में असली बदलाव इस बात से भी दिखता है कि यहां के युवा बड़ी संख्या में खेलों की ओर रुख कर रहे हैं। हाल ही में बठिंडा में हुई यूथ रन में 25,000 से ज़्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। इन इवेंट्स को मिल रहा रिस्पॉन्स बढ़ रहा है और आने वाले इवेंट्स में और भी ज़्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।”
बलतेज पन्नू ने कहा, “भगवंत मान सरकार ने 3,100 खेल मैदान बनाए हैं, जिनमें से लगभग 750 पहले ही लोगों को समर्पित किए जा चुके हैं। ये खेल मैदान बच्चों, युवाओं और कई पीढ़ियों को खेलों में हिस्सा लेने के मौके दे रहे हैं। पंजाब भर के गांवों और शहरों में हर शाम प्लेग्राउंड में बच्चों और युवाओं को खेलते देखा जा सकता है।”
पंजाब को ‘नशेड़ियों का राज्य’ बताने के नैरेटिव पर बलतेज पन्नू का पलटवार
उन्होंने कहा, “भाजपा बार-बार पंजाब को ‘नशेड़ियों का राज्य’ दिखाने की कोशिश करती है, लेकिन पंजाब की खेल प्राप्तिया सीधे तौर पर इस नैरेटिव को चैलेंज करती हैं। पंजाब खेल प्रतिभा वाला राज्य है। बच्चे गांव के खेल मैदान में खेल रहे हैं, यूथ दौड़ों में हिस्सा ले रहे हैं और पंजाब के एथलीट हाईएस्ट लेवल पर देश को रिप्रेजेंट कर रहे हैं।”
आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “इंडियन हॉकी टीम में पंजाब के नौ खिलाड़ी हैं, जिनमें उन्हीं बॉर्डर जिलों के खिलाड़ी भी शामिल हैं जिन्हें बार-बार नशों के बारे में नाकारात्मक नैरेटिव्स में हाईलाइट किया जाता है। पंजाब इंडिया की नेशनल क्रिकेट टीमों में भी प्रतिनिधितत्व करता है। ये प्राप्तियां पंजाब के यूथ की खेल शक्ति और प्रतिभा को दिखाती हैं।”
उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों ने पहले ही राज्य से जुड़े कलंक को नकार दिया है और खेलों और एक स्वस्थ्य भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। आज नशों के खिलाफ राजनीतिक मुहिम शुरू करने से पहले, भाजपा को जवाब देना चाहिए कि उसने 2007 और 2017 के बीच क्या किया, जब वह सराकर में भागीदार थी।”
बलतेज पन्नू ने कहा, “पंजाब नशों के खिलाफ हर सच्ची कोशिश का स्वागत करता है, लेकिन भाजपा को इस मुद्दे का इस्तेमाल पंजाब को राजनीतिक रूप से टारगेट करने और बदनाम करने के लिए करना बंद कर देना चाहिए। मान सरकार का ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगा जब तक नशों की समस्या खत्म नहीं हो जाती और पंजाब एक खुशहाल, आगे बढ़ने वाला और खेल राज्य नहीं बन जाता।”
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