
नई दिल्ली, 23 जुलाई (Punjab Media Team)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा को देश के बच्चों को बेवकूफ बनाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश करार दिया है। उन्होंने पीएम से पूछा कि Dharmendra Pradhan Resignation का क्या हुआ? बच्चों ने तो फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग ही नहीं की थी, Dharmendra Pradhan Resignation मांगा था। उन्होंने कहा कि देश में बहुत से फास्ट ट्रैक कोर्ट बने हैं, लेकिन कई में सुनवाई ही नहीं होती, तो कई में सामान्य कोर्ट से भी ज्यादा समय लगते हैं। ऐसा कोई एलान नहीं हुआ जिससे बच्चों में पेपर लीक नहीं होने का भरोसा बढ़े, क्या पीएम का अपना कोई विजन नहीं है? प्रधानमंत्री का ये स्टेटमेंट एक हारे हुए दिशाहीन लेकिन अहंकारी व्यक्ति का लगता है।
गुरुवार को एक्स पर “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट करके कहा है कि पेपर लीक मामलों में सजा दिलवाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। पर प्रधानमंत्री जी, यह तो बच्चों ने मांगा ही नहीं था और न ही यह उनकी मांग थी। यह तो ऐसा लग रहा है जैसे आप बच्चों को बेवकूफ बना रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट तो इस देश में बहुत बने हुए हैं। रेप मामलों के लिए बने हुए हैं, पॉक्सो के लिए बने हुए हैं और कई अन्य तरह के मुद्दों पर भी फास्ट ट्रैक कोर्ट बने हुए हैं। लेकिन उनमें तो सुनवाई होती ही नहीं है।
बच्चों ने Dharmendra Pradhan Resignation मांगा, मोदी ने चुप्पी साधी: केजरीवाल
कई फास्ट ट्रैक कोर्ट में तो नॉर्मल कोर्ट से भी ज्यादा समय लगता है। इसलिए ऐसा लग रहा है कि अभी भी आप मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर रहे हैं और अभी भी आप धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बच्चों ने Dharmendra Pradhan Resignation मांगा था, लेकिन उसकी मोदी जी ने कोई बात ही नहीं की।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बच्चों के सिर फट गए, उनकी टांगें टूट गईं, उनके ऊपर लाठीचार्ज हुआ, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उन पर बर्बरता से हमला किया गया, जिसके कारण बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। मैं जंतर-मंतर जाकर यह सब देखकर आया था और कई बच्चों से मिलकर आया था। मोदी जी ने उनके प्रति सहानुभूति के लिए एक शब्द भी नहीं बोला। पूरी दुनिया में कुछ भी हो जाए तो आप ट्वीट करते हैं, क्या ये बच्चे आपके बच्चे नहीं हैं? क्या आपको इन बच्चों के लिए थोड़ी सी भी दया आती है, जिन पर आपने इतनी बर्बरता से हमला करवाया था?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बच्चे कह रहे हैं कि हर साल पेपर लीक होते हैं। मोदी जी ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया कि व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाएंगे जिससे बच्चों को यह भरोसा हो सके कि अगले साल नीट का पेपर या कोई और पेपर लीक नहीं होगा। इसका मतलब है कि सरकार का कोई विजन ही नहीं है, आपका कोई विजन ही नहीं है।
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