PUNJAB

गांवों का All Round Development ही पंजाब को नंबर एक बनाएगा: Bhagwant Mann

Punjab Media

पटियाला; 26 जून 2026: (Punjab Media Team)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज सरपंचों को संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर गांवों के All Round Development के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का आह्वान किया। यहां ‘सरपंच मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरपंचों को 15 अगस्त से 10,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। उन्होंने सरपंचों से सार्वजनिक धन के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने, गुटबाजी को खत्म करने, आपसी सामुदायिक एकता बढ़ाने और गांवों को नशा मुक्त, स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों का नेतृत्व करने की अपील भी की।

‘सरपंच मिलनी’ के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंचायतों को लोकतंत्र की नींव के रूप में जाना जाता है क्योंकि पंचायतों के पास अपार शक्तियां होती हैं और इनके फैसलों को पूरे गांव द्वारा सम्मानपूर्वक माना जाता है। ग्रामीणों के हितों की रक्षा करना और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना हर सरपंच का नैतिक कर्तव्य है। हमारे देश की लगभग 70 फीसदी आबादी गांवों में रहती है, जिस कारण पंचायती राज संस्थाओं को लोकतंत्र की धुरी माना जाता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये संस्थाएं राज्य सरकार की जन-पक्षधर और विकास-उन्मुख योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करती हैं। राज्य सरकार नीतियां बनाती है, जबकि सरपंच और पंच इन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। मैं सभी सरपंचों से अपील करता हूं कि वे आज से ही विकास कार्यों के लिए स्वयं को पुनः समर्पित करें ताकि लोगों को इसका भरपूर लाभ मिल सके।”

All Round Development: गांवों का विकास तेज करें, सरपंच निभाएं अग्रणी भूमिका: मुख्यमंत्री मान

एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरपंचों को 15 अगस्त से 10,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। इससे पहले पिछली सरकारों ने सरपंचों को 1,200 रुपये मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन वह फैसला कभी अमल में नहीं आया और सरपंचों को अपना हक लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। हालांकि, हमारी सरकार ने सरपंचों को 2,000 रुपये मानदेय देना शुरू किया था, जिसे अब बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार उन कार्यों के लिए अनुदान जारी कर रही है जो सार्वजनिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं और ये पहले से ही पंचायतों की सीधी निगरानी में हैं। इसी तरह गांवों के विकास से संबंधित विभिन्न कार्य भी सरपंचों के नेतृत्व में किए जाते हैं। सरपंचों को इन कार्यों और सेवाओं की निष्ठापूर्वक निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए। यह हर सरपंच का नैतिक कर्तव्य है कि वह करदाताओं के एक-एक पैसे के पूरी तरह पारदर्शी ढंग से उपयोग को सुनिश्चित करे।”

सरपंचों को आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरपंच विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के अनुचित हस्तक्षेप से दूर रहें। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले समय में गांवों में कई काम बड़े पैमाने पर गुटबाजी के कारण पटरी से उतर गए। गांवों के All Round Development को सुनिश्चित करने के लिए सरपंचों को गांवों में गुटबाजी खत्म करने को मुख्य प्राथमिकता देनी चाहिए। लोकतंत्र में बहुमत हासिल करने वाला व्यक्ति या पार्टी विजेता होती है, लेकिन एक बार चुने जाने के बाद सरपंच पूरे गांव का होता है।”

सरपंच निष्पक्ष रहें, नशामुक्त और विकसित गांव बनाएं: मुख्यमंत्री मान

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “सरपंचों को गांव के हर निवासी के साथ बराबर का व्यवहार करना चाहिए और हर फैसला निष्पक्षता से लिया जाना चाहिए। ऐसे कई सरपंच हैं जिन्होंने अपनी समझदारी और दूरदर्शिता के कारण अपने गांवों की तस्वीर बदल दी है। सरपंचों को अपने गांवों को नशा मुक्त बनाने की ओर मुख्य जोर देना चाहिए ताकि नौजवानों को नशे की लानत से दूर किया जा सके। उन्हें गांवों में आपसी एकता, शांति और सामुदायिक माहौल को मजबूत करने के लिए भी कड़ी मेहनत करनी चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “गांवों में विकास और समृद्धि की रफ्तार को और बढ़ावा देना समय की जरूरत है। पंजाब सरकार गांवों के All Round Development और तरक्की के लिए प्रतिबद्ध है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है। सरपंच सरकार और गांवों के बीच एक कड़ी होते हैं, इसलिए आपको गांवों के विकास में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।”

सरपंचों को पूर्ण सहयोग का विश्वास दिलाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया, “गांवों में विकास कार्य कराने के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। अपने गांवों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दें ताकि राज्य सरकार उन पर काम शुरू करवा सके। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि राज्य के गांवों की तस्वीर बदलने के लिए एक रचनात्मक अभियान शुरू करके सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि हम सब मिलकर ‘रंगला पंजाब’ (खुशहाल पंजाब) का सृजन कर सकें। गांवों को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत करें। राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

स्कूल, पुस्तकालय और सोलर लाइटें बनें पहली प्राथमिकता: मुख्यमंत्री मान

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य में सबसे कठिन चुनाव सरपंच का होता है क्योंकि सरपंच ही होते हैं जो जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े होते हैं। सरपंच गांव का मुखिया होता है और एक अच्छा सरपंच गांव का नक्शा बदल सकता है और अपने लोगों की समृद्धि को सुनिश्चित कर सकता है। यह ‘सरपंच मिलनी’ गांव स्तर पर समस्याओं को समझने के उद्देश्य से शुरू की गई एक अनोखी पहल है। अनुदान की कोई कमी नहीं है, लेकिन गांवों में इनका सही मायने में उपयोग होना सुनिश्चित किया जाए।”

उन्होंने दोहराया, “दोष किसी पर भी लगाए जा सकते हैं, लेकिन सही सरपंच गांव के विकास की धुरी होते हैं। पहले, पिछली सरकारों का अनुदानों में अपना हिस्सा होता था, जिस कारण विकास प्रभावित होता था। आज गांवों में बड़े अनुदान आ रहे हैं और वह दिन दूर नहीं जब पंजाब के गांवों की इस पैसे से पूरी तरह तस्वीर बदल जाएगी। विकास कार्यों को प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि ये फंड इस तरीके से खर्च किए जाएं कि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिले।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “सबसे पहले पुस्तकालयों, स्कूलों, सोलर लाइटों और फिर गलियों-नालियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि गांवों का All Round Development सुनिश्चित किया जा सके। राज्य के विकास को तेज करने के लिए यह बेहद आवश्यक है और पंजाब को देश में अग्रणी बनाने के लिए यह समय की जरूरत है। मैं हर सरपंच को गांवों के All Round Development और अपने लोगों की समृद्धि के लिए सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग और मदद का विश्वास दिलाता हूं।

यह भी पढ़े :- समाना में Sports Stadium की आधारशिला, नशे पर मान का बड़ा संदेश


Punjab Media

Punjab Media

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

Related Articles

Back to top button