
बठिंडा, 23 जून: (Punjab Media Team)। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने मंगलवार को सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीण पंजाब के बदलाव का नेतृत्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि पंजाब को देश का सबसे विकसित राज्य बनाने के लिए सबसे पहले राज्य के गांवों को विकास का मॉडल बनाना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांवों के समग्र विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। Rural Development.
रामपुरा फूल और तलवंडी साबो में आयोजित ‘सरपंच मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान सरपंचों और पंचों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण इकाई हैं, क्योंकि वे सीधे तौर पर लोगों से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि एक सक्षम और ईमानदार सरपंच पूरे गांव की तस्वीर बदल सकता है।
मुख्यमंत्री ने पंचायतों से अपील की कि सरकारी अनुदान का उपयोग पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किया जाए ताकि समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सतत विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “गांवों के विकास के लिए सबसे पहले पुस्तकालय, स्कूल और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके बाद गलियों और नालियों सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाए, ताकि गांवों का संतुलित और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।”
Rural Development और नहरी पानी पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण गांवों को नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों तक बड़े स्तर पर अनुदान पहुंचा रही है और यदि इनका सही उपयोग किया जाए तो आने वाले वर्षों में पंजाब के गांव देश के सबसे विकसित गांवों के रूप में उभरेंगे।
उन्होंने Rural Development और सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से गांवों में गुटबाजी खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद सरपंच किसी एक समूह का नहीं, बल्कि पूरे गांव का प्रतिनिधि होता है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए और फैसले निष्पक्षता के आधार पर लिए जाने चाहिए।
बैठक में बड़ी संख्या में मौजूद महिला सरपंचों का विशेष उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं से राजनीति और निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण शिक्षा, प्रतिनिधित्व और आर्थिक अवसरों से आता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़कियां आज लगभग हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी अभी भी सीमित है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से लोकतंत्र मजबूत होगा और पंजाब को एक प्रगतिशील तथा समृद्ध राज्य बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने दोहराया कि सरपंच सरकार और गांवों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से ही पंजाब के विकास का सपना साकार होगा।
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