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साम-दाम-दंड-भेद की नीति का इस्तेमाल चुनाव जीतने को नहीं, बल्कि पंजाब को बचाने में करे आप : परगट सिंह

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ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव और विधायक पद्मश्री परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब के ज्यादातर हिस्सा बाढ़ में डूब रहा है। किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं और लोगों को खाने के लाले पड़े हुए हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार और नेता बाढ़ पीड़ितों को बचाने का छोड़ आने वाले 2027 के चुनाव को जीतन के लिए साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाने की बात कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब के आप प्रभारी मनीष सिसोदिया के पिछले दिनों वायरल एक वीडियो में अगला चुनाव जीतने के लिए साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल करने की बात कर रहे हैं। इससे साफ है कि दिल्ली वाले पंजाब के बारे में नहीं सोचेंगे, उनको पंजाब में बाढ़ से जूझ रहे लोगों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग की मनीष सिसोदिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

पदमश्री परगट सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से साम-दाम-दंड-भेद की नीति पंजाब के लोगों को बचाने के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीएम को पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करना चाहिए और तुरंत जिला स्तर पर एमरजेंसी रीलिफ फंड भी जारी करना चाहिए। जिसके तहत किसानों की फसल खराब होने पर 60000 रुपए प्रति एकड़ और जानवरों के मरने पर 1 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जाने चाहिए।

परगट सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बादल फट रहे हैं और बारिशों का कहर है। जिसका अधिकतर पानी पंजाब के दरिया और नालों में आ रहा है। जिससे गांवों के गांव बाढ़ में डूब रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में जब-जब भी इस तरह की आपात स्थिति बनी है, तब-तब पंजाब के निवर्तमान मुख्यमंत्री और सरकारें एमरजेंसी फंड्स जारी करते रहे हैं।

परगट सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी को पंजाब में भी अपनी हार नजर आने लगी है, तभी वह बाढ़ से निपटने की बजाए चुनाव को लिए हर हत्थकंडे अपनाने पर काम शुरू करने लगी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग एक बार मूर्ख बन चुके हैं। अब दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे। साम-दाम-दंड-भेद की नीति से नहीं बल्कि पंजाब के लोग प्यार और दुशमनी निभाने में माहिर हैं। अब लोगों ने आप को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया है।


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