- हरियाणा और राजस्थान रोडवेज में छिड़ा ‘जंग-ए-चालान’
चंडीगढ़। महिला पुलिसकर्मी की वर्दी की धौंस में टिकट न लेने के मामले के बीच हरियाणा और राजस्थान में तनातनी बढ़ गई। पहले जहां हरियाणा में राजस्थान परिवहन निगम की करीब 90 बसों के चालान किए जा चुके हैं तो अब राजस्थान में भी हरियाणा रोडवेज की 26 बसों के चालान किए गए। दरअसल यह पूरा मामला हरियाणा में राजस्थान रोडवेज की बस में टिकट को लेकर महिला पुलिसकर्मी और कंडक्टर के बीच हुए विवाद के बाद शुरू हुआ है। War of challans
हालांकि परिवहन मंत्री अनिल विज यह स्पष्ट कर चुके हैं कि हरियाणा पुलिस सिर्फ हरियाणा रोडवेज की बसों में ही नि:शुल्क यात्रा कर सकती है। इस विवाद के बाद जहां हरियाणा पुलिस ने राजस्थान रोडवेज की बसों के चालान काटने शुरू कर दिए थे। वहीं अब राजस्थान में भी हरियाणा रोडवेज की बसों के चालान कटने शुरू हो गए हैं। इस विवाद के बाद हरियाणा व राजस्थान राज्यों की ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई में रोडवेज कर्मचारी और यात्री चक्की के दो पाटों की तरह पिस रहे हैं।
आलम यह है कि चालान की कार्रवाई के दौरान बसों को कई-कई देर तक खड़ा रखा जाता है। जिस वजह से यात्रियों को बिना कसूर देरी से अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ रहा है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार राजस्थान में भी हरियाणा रोडवेज की 26 बसों के एक ही दिन में चालान किए गए। यह चालान जयपुर में हुए हैं।
जयपुर में हरियाणा रोडवेज की 26 बसों के कटे चालान
9 बसों के चालान सिंधी कैंप और 17 बसों के चालान सड़वा मोड़ पर हुए। इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें हरियाणा रोडवेज का कंडक्टर कह रहा है कि 5-7 सवारी ज्यादा होने की वजह से राजस्थान पुलिस नाजायज तरीके से चालान कर रही है।
ड्राइवर पुलिस कर्मचारी को बता रहा है कि 60 सीटर बस है। इस पर पुलिस कर्मचारी जवाब देता है कि सवारी 64 हैं। इसके बाद कंडक्टर कहता है कि बदले की भावना में कार्रवाई की जा रही है। ऐसी स्थिति में दोनों राज्यों को सौहार्दपूर्ण तरीके से इस मामले को निपटाना चाहिए। दूसरी तरफ हरियाणा रोडवेज ने अपने विभाग के ड्राइवर व कंडक्टर्स को अपनी बसों के सभी कागजात पूरे रखने के आदेश दिए हैं।
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