चंडीगढ़, 16 जुलाई, 2026 (Punjab Media Team)। E-20 petrol के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं के खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को लोगों से एकजुट होने और E-20 petrol की आपूर्ति के माध्यम से उपभोक्ताओं के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू किए गए अभियान का समर्थन करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने देशभर के नागरिकों से stopE20petrol.com पर ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया, ताकि इस मुद्दे से प्रभावित लोगों की चिंताएं प्रधानमंत्री तक पहुंच सकें।
एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हर नागरिक को इस याचिका पर हस्ताक्षर कर अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, ताकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, जिसने जानबूझकर इस गंभीर मुद्दे की अनदेखी की है, को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मोटरसाइकिलों से लेकर अन्य वाहनों तक, देशभर के लोग E-20 petrol के कारण अपने वाहनों में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस शोषण के खिलाफ अरविंद केजरीवाल जी ने प्रधानमंत्री को दो महत्वपूर्ण मांगों के साथ पत्र लिखा है। पहली, लोगों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का पेट्रोल चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। दूसरी, ई-20 पेट्रोल की कीमत तत्काल कम की जानी चाहिए। लोगों की आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक हस्ताक्षर महत्वपूर्ण है।”
E-20 petrol पर भड़के मुख्यमंत्री मान, बोले- जनता के वाहनों को हो रहा नुकसान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “E-20 petrol देशभर में वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। वाहनों का माइलेज कम हो गया है और लोग लगातार केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठा रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता की बढ़ती चिंताओं के बावजूद भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके विपरीत, वाहन मालिकों में यह चिंता बढ़ रही है कि उनकी मेहनत की कमाई से खरीदे गए वाहनों के इंजन को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।”
उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल स्वयं लोगों की शिकायतें सुनने के लिए मैदान में उतरे। एक वाहन मरम्मत केंद्र के दौरे के दौरान उन्होंने खराब पड़े वाहनों की लंबी कतारें देखीं और लोगों में भारी रोष का अनुभव किया। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिना किसी देरी के हस्तक्षेप करने की अपील की। क्या केंद्र सरकार तभी जागेगी, जब वाहनों को हो रहे नुकसान की गंभीरता प्रधानमंत्री के संज्ञान में आएगी?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार किस प्रकार का पेट्रोल खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों प्रकार के पेट्रोल को एक ही कीमत पर बेचने के बजाय ई-20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए। एक समान मूल्य वसूलने से बड़ी तेल कंपनियों को लाभ होता है, जबकि आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है।।
यह भी पढ़े :- Mawan Dheeyan Satkar Yojana में लाभार्थियों की सूची में लुधियाना सबसे आगे

