चंडीगढ़, 21 मई (Punjab Media Team)। भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी Baltej Pannu ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके लोगों को डराने-धमकाने, दबाव डालने और पार्टी में शामिल होने के लिए राजनीतिक ब्लैकमेल कर रही है।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी Baltej Pannu ने कहा कि देशभर में कारोबारियों, यूनिवर्सिटी मालिकों और राजनीतिक नेताओं पर पहले केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापेमारी की जाती है या नोटिस जारी किए जाते हैं और बाद में उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया जाता है, जिसके बाद उनके खिलाफ कोई अगली कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह देशभर में भाजपा का एक स्टैंडर्ड राजनीतिक मॉडल बन गया है। पहले ईडी और सीबीआई के नोटिस जारी किए जाते हैं, फिर दबाव बनाया जाता है, और बाद में लोगों को कहा जाता है कि यदि वे भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो उनके खिलाफ सारी कार्रवाई बंद हो जाएगी। भाजपा राजनीतिक विस्तार के लिए केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम उपयोग कर रही है।
राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का हवाला देते हुए Baltej Pannu ने कहा कि अशोक मित्तल के ठिकानों पर छापेमारी की गई और बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए। इसी तरह दबाव और छापेमारी के बावजूद ‘आप’ नेता संजीव अरोड़ा भाजपा के आगे नहीं झुके, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य मामले में, गौरव बग्गा को दलाल कृष्णू मामले में सीबीआई का नोटिस मिला था और कुछ ही दिनों में पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया।
भाजपा दबाव और डर की राजनीति से अपना विस्तार करना चाहती है: Baltej Pannu
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा अपनी पार्टी का विस्तार करने की इतनी जल्दी में है कि कथित तौर पर नोटिस पहले जारी किए जाते हैं और संदेश बाद में भेजे जाते हैं कि अगली कार्रवाई से बचने के लिए भाजपा में शामिल हो जाओ। भाजपा के अपने सोशल मीडिया पेजों पर दिखाया गया है कि सीबीआई नोटिस का सामना करने के बावजूद गौरव बग्गा को पार्टी में शामिल किया जा रहा है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ को निशाना बनाते हुए Baltej Pannu ने कहा कि सुनील जाखड़ ने कभी दावा किया था कि भाजपा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पंजाब की राजनीति से उखाड़ फेंकेगी। लेकिन जिस तरह भाजपा आज लोगों को पार्टी में शामिल कर रही है, उससे उसकी दबाव, डर और धमकाने वाली राजनीति का स्पष्ट पर्दाफाश होता है।
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा पंजाब में दिए गए हाल के बयानों पर आड़े हाथ लेते हुए बलतेज पन्नू ने बिट्टू के धूरी के अस्पताल के दौरे का जिक्र किया और कहा कि केंद्रीय मंत्री ने खुद अस्पताल के प्रबंधों, करीब 600 मरीजों की ओपीडी और एनजीओ द्वारा चलाई जा रही खान-पान की सेवाओं की सराहना करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किए थे।
बलतेज पन्नू ने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू ने खुद माना कि वहां उनके साथ आए करीब 100 लोगों को खाना परोसा गया था। लेकिन बाहर आकर उन्होंने दावा करना शुरू कर दिया कि अस्पताल में कोई मरीज नहीं था और सिर्फ आवारा कुत्ते मौजूद थे। ये विरोधाभासी बयान उनके राजनीतिक पाखंड को उजागर करते हैं।
पंजाबियों की देशभक्ति पर सवाल उठाना बेहद शर्मनाक: Pannu ने भाजपा पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री के साथ चलने वाले शाही काफिले पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार फिजूल खर्चे घटाने की बात करते हैं, लेकिन रवनीत सिंह बिट्टू अपने काफिले में करीब 50 गाड़ियां लेकर घूमते हैं। भाजपा नेताओं को पहले वह खुद करना चाहिए जिसका वे उपदेश देते हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू के मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहने वाले बयान की निंदा करते हुए बलतेज पन्नू ने इस आरोप को गैर-जिम्मेदाराना और पंजाब विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा, “ऐसे बयान न सिर्फ एक लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री का अपमान हैं, बल्कि पंजाब के समूचे लोगों का भी अपमान हैं। पंजाबियों ने हमेशा देश के लिए कुर्बानियां दीं हैं और वे कभी भी देश के साथ गद्दारी नहीं कर सकते।
भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए आतंकवादी हमलों पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि भाजपा को जवाब देना चाहिए कि पुलवामा और पहलगाम जैसे हमलों के लिए कौन जिम्मेदार था और उन घटनाओं का पूरा सच अब तक लोगों के सामने क्यों नहीं आया।
पठानकोट आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि उस दौरान पाकिस्तान की आईएसआई को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया था। भाजपा नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आईएसआई ने क्या भूमिका निभाई और क्या कभी भारत के लोगों के सामने कोई रिपोर्ट पेश की गई थी।
Aroosa Alam मामले की जांच कराए केंद्र सरकार: Pannu
बलतेज पन्नू ने अरूसा आलम का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास पर अरूसा आलम के रहने और उसके आईएसआई के साथ कथित संबंधों के बारे में बार-बार सवाल उठाए गए थे। रवनीत सिंह बिट्टू उस समय कांग्रेस के सांसद थे। वे तब चुप क्यों रहे? भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को अब इस मामले की पूरी जांच करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मान का बचाव करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा नेताओं से देशभक्ति के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। पंजाब की भलाई के लिए अथक काम करने वाले व्यक्ति पर आईएसआई एजेंट का लेबल नहीं लगाया जा सकता।
पिछले चार सालों के दौरान पंजाब सरकार द्वारा किए गए कामों पर रोशनी डालते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, नहरी पानी की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे, मुफ्त बिजली, किसानों के लिए दिन में बिजली की आपूर्ति और नागरिकों के लिए 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज के क्षेत्र में व्यापक काम किया है। भाजपा नेताओं को यह बताना चाहिए कि लोक कल्याण के ये कार्य करने वाले मुख्यमंत्री को देश विरोधी कैसे कहा जा सकता है।
रवनीत सिंह बिट्टू से माफी की मांग करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाबी अपने लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री के ऐसे बिना सबूत के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। रवनीत सिंह बिट्टू को या तो अपने आरोपों के सबूत पेश करने चाहिए या फिर पंजाब के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
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